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प्रदूषण बरपा रहा कहर, फेफड़ों में समा रहा जहर …गंभीर बीमारियों का बढ़ रहा खतरा चिकित्सकों की सलाह, रहें सावधान

सामना संवाददाता / मुंबई
हिंदुस्थान की राजधानी दिल्ली और मायानगरी मुंबई वायु प्रदूषण की जद में आ चुके हैं, इसका असर लोगों पर इस कदर हावी हो रहा कि यह उनके फेफड़ों में जहर पैâलाने का काम कर रहा है। आलम यह है कि क्रोनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी बीमारी तेजी से पैâल रहा है। इसके साथ ही वायु प्रदूषण ने दिल और वैंâसर समेत कई गंभीर बीमारियों के खतरे को बढ़ा दिया है। ऐसे में चिकित्सक सलाह दे रहे हैं कि जब तक वायु प्रदूषण कंट्रोल में नहीं आ जाता है तब तक लोग सावधानी बरतें और जरूरत के मुताबिक ही घरों और कार्यालयों से बाहर निकलें। साथ ही सीओपीडी के लक्षण दिखाई देने पर बिना देर किए चिकित्सकों की सलाह लें।
उल्लेखनीय है कि हर साल नवंबर महीने के तीसरे बुधवार को विश्व सीओपीडी डे मनाया जाता है। हालांकि इस साल यह दिन १५ नवंबर यानी कल मनाया जा रहा है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य सीओपीडी के बारे में जागरूकता पैदा करना है। दिल्ली और मुंबई समेत देश के कई अन्य हिस्सों में प्रदूषण के कारण हवा काफी जहरीली हो गई है। इसके कारण लोग कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। खासकर अगर कोई पहले से ही सीओपीडी यानी सांस संबंधी किसी बीमारी का शिकार है तो यह प्रदूषित हवा उसकी सेहत को और खराब कर देती है। इसलिए इन बीमारियों से सुरक्षित रहने के लिए जरूरी है कि जितना हो सके खुद को जहरीली हवा से बचाएं।
यह है सीओपीडी  
सीओपीडी फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी के लक्षणों में सांस लेने में तकलीफ, खांसी, अत्यधिक बलगम बनना, चक्कर आना शामिल हैं। वायु प्रदूषण के कारण यह बीमारी बढ़ती है।
सीओपीडी से बचने के उपाय
सीओपीडी का मुख्य कारण धूम्रपान से संबंधित है। इसलिए इस बीमारी से बचने का सबसे अच्छा तरीका धूम्रपान बंद करना है। इसके अलावा यह बीमारी वायु प्रदूषण के कारण भी होती है। इसलिए हमेशा प्रदूषित हवा में जाने से बचें। जोखिम को कम करने के लिए वार्षिक फ्लू टीका और निमोनिया टीका लगवाएं। साथ ही सांस लेने के व्यायाम फेफड़ों को स्वस्थ रखने और ऐसी समस्याओं को रोकने में मदद करते हैं।
वायु प्रदूषण से खतरा
सीओपीडी के खतरे को बढ़ाने में वायु प्रदूषण को एक प्रमुख कारक के रूप में पहचाना गया है। इस बीच दिवाली के दौरान फोड़े गए पटाखों से बड़े पैमाने पर वायु प्रदूषण हुआ है।

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