मुख्यपृष्ठनए समाचार‘देश को बेचने की तैयारी है!’ मेघालय के राज्यपाल की मोदी सरकार...

‘देश को बेचने की तैयारी है!’ मेघालय के राज्यपाल की मोदी सरकार पर ताबड़तोड़ आरोपबाजी

सामना संवाददाता / मुंबई
केंद्र  सरकार की नीतियों के कटु आलोचक रहे मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मोदी सरकार पर एक बार फिर से तीखा हमला बोला है। किसान ‘एमएसपी’ लागू करने की मांग कर रहे हैं और सरकार सुन नहीं रही है। इस मांग को लेकर किसान फिर से आंदोलन कर रहे हैं। इस मामले पर मोदी सरकार से नाराज सत्यपाल मलिक का कहना है कि केंद्र  सरकार एक तरह से देश को बेचने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि अडाणी को एयरपोर्ट दिए गए हैं, पोट्र्स दिए गए हैं, बड़ी योजनाएं दी गई हैं और एक तरह से देश को बेचने की तैयारी है। लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। एक कार्यक्रम में बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि पानीपत में अडाणी ने बहुत बड़ा गोदाम बनाया है, जहां पर बड़ी मात्रा में गेहूं को सस्ते दाम में खरीदकर रखा गया है। जब देश में महंगाई होगी, वे गेहूं को बेचेंगे। ये प्रधानमंत्री के दोस्त उससे मुनाफा कमाएंगे और किसान मुश्किल झेलेंगे। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है, इसके खिलाफ लड़ाई होगी। किसानों की मांग पर राज्यपाल ने कहा कि देश में एक बार फिर से किसानों को हराया नहीं जा सकता है। जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, वह अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा कि अगर एमएसपी को लागू नहीं किया जाता और किसानों को उनकी फसल पर एमएसपी की गारंटी नहीं दी जाती है तो एक और लड़ाई होगी और इस बार यह लड़ाई और बड़ी होगी। आप किसानों को इस देश में हरा नहीं सकते हैं। आप उन्हें डरा नहीं सकते हैं क्योंकि आप किसानों के पास ईडी, आयकर विभाग के अधिकारियों को नहीं भेज सकते हैं, आखिर आप किसानों को डराएंगे कैसे ? मलिक ने कहा कि एमएसपी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोस्त अडाणी की वजह से नहीं लागू किया जा सकता, जो कि इस समय एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। वह सिर्फ  पांच साल में एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए। गुवाहाटी एयरपोर्ट पर मैं एक महिला से मिला, जिसके हाथ में फूलों  का गुलदस्ता था।
पहले भी मोदी सरकार पर बोल चुके हैं हमला
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब सत्यपाल मलिक ने किसानों के प्रदर्शन को लेकर सरकार पर हमला बोला है। इससे पहले ३ जनवरी को इसी साल हरियाणा के दादरी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया था कि वह घमंडी हैं। मलिक ने कहा कि जब मैं उनसे किसानों के प्रदर्शन के मुद्दे पर मिलने के लिए गया तो वे मुझे अभिमानी लगे। मैंने देखा कि किसान प्रदर्शन कर रहे हैं, वो दिल्ली के बॉर्डर पर बैठे हैं, मैंने पीएम से कहा कि इसमें से हर एक ४० गांव का मुखिया है, ७०० किसान मर चुके हैं। जब एक कुत्ता मरता है तो दिल्ली से शोक संदेश भेजा जाता है, लेकिन किसानों के लिए कोई संदेश नहीं भेजा गया।

अन्य समाचार