मुख्यपृष्ठनए समाचारराज्य में राष्ट्रपति शासन की साजिश!.... गृहमंत्री दिलीप वलसे-पाटील ने भाजपा पर...

राज्य में राष्ट्रपति शासन की साजिश!…. गृहमंत्री दिलीप वलसे-पाटील ने भाजपा पर लगाया आरोप

• मातोश्री के सामने जाकर हनुमान चालीसा पढ़ने की जिद क्यों?
सामना संवाददाता / मुंबई । मुंबई में किसी एक घटना को लेकर राज्य में कानून-व्यवस्था खतरे में पड़ने का मुद्दा उठाकर भाजपा राष्ट्रपति शासन लगाने की साजिश कर रही है लेकिन राज्य में कानून-व्यवस्था अच्छी है। ये बातें राज्य के गृहमंत्री दिलीप वलसे-पाटील ने शनिवार को एक पत्रकार परिषद में कहीं।
उन्होंने कहा कि विधायक रवि राणा और उनकी पत्नी सांसद नवनीत राणा की `मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की जिद के चलते मुंबई के बांद्रा इलाके में यह स्थिति बनी है। उन्होंने राणा दंपति को जमकर सुनाया और उनको भाजपा का पिट्ठू बताया। राज्य में कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए भाजपा साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर त्रिपुरा में कुछ होता है तो विपक्ष महाराष्ट्र में हंगामा मचाता है। उन्होंने लाउडस्पीकर के मुद्दे पर समाज में अशांति पैदा करने के लिए भाजपा की भी आलोचना की।
कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास
वलसे-पाटील ने स्पष्ट रूप से कहा कि राणा दंपति यदि हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहते हैं तो उन्हें अपने घर पर अमरावती में, मुंबई के फ्लैट में या दिल्ली में पढ़ें। मातोश्री के सामने जाकर पढ़ने की जिद क्यों? ऐसे ही कोरोना काल में जब मंदिर बंद थे तो मंदिरों को खोलने की जिद और वहां आरती, महाआरती कर कानून- व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास किया। विपक्ष विभिन्न तरीकों से साजिश करके राज्य में कानून- व्यवस्था खराब है, ऐसा साबित करने के प्रयास में है। साथ ही इसके आधार पर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करना चाह रहा है लेकिन यह इतना आसान भी नहीं है।
राणा दंपति है एक प्यादा
गृहमंत्री दिलीप वलसे-पाटील ने कहा कि राज्य में जन-प्रतिनिधि जवाबदार व्यक्ति होता है। सांसद और विधायक को कानून के अंतर्गत रहकर काम करना चाहिए। संविधान के अनुसार काम करते समय किसी प्रकार की अशांति, आंदोलन और द्वेष पैदा नहीं करना चाहिए। आज पब्लिसिटी के लिए राणा दंपति जैसे प्यादे को आगे किया जा रहा है, अन्यथा राणा दंपति की इतनी हिम्मत नहीं है। राणा दंपति के इस कृत्य से राज्य और सरकार की प्रतिमा मलिन करने का प्रयास किया जा रहा है। यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। राज्य के हित के लिए ध्यान से सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अभी से इतना संघर्ष करने की जरूरत नहीं है। चुनाव के लिए अभी वक्त है। चुनाव नजदीक आएगा तो सड़क पर उतरेंगे तो चलेगा। राज्य में कई समस्याएं हैं, उन समस्याओं को निपटाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी के सहयोग की जरूरत है।

अन्य समाचार