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सामना एंकर: भाजपा है तो मुमकिन हुआ, पेट्रोल महंगाई का पखवाड़ा! ….१५ दिन में करीब ९.२० रुपए प्रति लीटर बढ़े दाम

दिल्ली में रु.१०४.६१
मुंबई में रु.११९.६७
राजस्थान में रु.१२२.०५ पहुंची कीमत
सुशील राय `शिवा’ । एक दिवसीय, त्रिदिवसीय, साप्ताहिक और पखवाड़ा शब्द अक्सर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में प्रयोग होता है। अब इस शब्द का उपयोग यदि पेट्रोल की महंगाई के मामले में हो तो आश्चर्य की कोई बात नहीं है। जी हां, ऐसा हिंदुस्थान में केंद्र की मोदी सरकार में संभव हुआ है। मोदी है तो आगे भी ये मुमकिन होता रहेगा। जबसे केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है तबसे किसी भी मामले में सभी भाजपाइयों की जुबान से एक ही जुमला `मोदी है तो मुमकिन है’ निकलता है। ये जुमला यहां पर भी सटीक बैठ रहा है। अब आम जनता भी कहने पर मजबूर हो गई है कि, `भाजपा है तो महंगाई है’। पूरे हिंदुस्थान की जनता धीरे-धीरे कोरोना महामारी से उबरकर अपने जीवन की गाड़ी को पटरी पर लाने का प्रयास कर रही है। इसी बीच केंद्र सरकार अपने निहित स्वार्थ के मद में लगातार पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी कर आम जनता को झटका पे झटका दे रही है। देखा जाए तो देश में ये महंगाई क्रमश: एक दिन नहीं, दो दिन नहीं… बल्कि १५ दिन यानी पूरा पखवाड़ा तक बढ़ती रही है। ऐसे में अब देश की जनता को महंगाई का पखवाड़ा भी आयोजित करना चाहिए। हिंदुस्थान में शायद ऐसा पहली बार हुआ है, जब देश की जनता को महंगाई का पखवाड़ा देखने को मिला है।
हर व्यक्ति के जीवन का उद्देश्य होता है कि उसे और उसके परिवार को दो जून की रोटी सुकून से मिले और दो पैसे भविष्य के लिए बचाकर रख सके।
सोचनीय बात ये है कि पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमत ने आम आदमी से लेकर रसूखदार लोगों तक के जीवन पर खासा असर डाला है। दरअसल पेट्रोल पर देश के कई बिजनेस टिके हुए हैं और बढ़ती कीमत की वजह से उस बिजनेस पर भी असर पड़ रहा है। अब यदि इन पंद्रह दिनों यानी पूरे पखवाड़े पर नजर डालें तो करीब ९.२० रुपए प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। बता दें कि इस सरकार की गलत नीतियों की वजह से कल तेल कंपनियों ने तेरहवीं बार कीमत ८० पैसे और बढ़ा दिए। पिछले १५ दिन में सिर्फ दो दिन २४ मार्च और एक अप्रैल को तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। भारतीय पेट्रोलियम विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कल पेट्रोल १०४.६१ रुपए प्रति लीटर हो गया। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल ११९.६७ रुपए प्रति लीटर, वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर में पेट्रोल का दाम सबसे ऊंचा यानी १२२.०५ रुपए प्रति लीटर है।
अभी नहीं मिलेगी राहत
हाल ही में आई रिपोर्टों की बात करें तो कई में इस बात का अनुमान लगाया गया था कि तेल कंपनियां अपने घाटे की भरपाई करने के लिए एकदम पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी करने की बजाय धीरे-धीरे दाम बढ़ाएंगी। रिपोर्ट में कहा गया था कि देश में पेट्रोल की कीमत में आने वाले दिनों में २२ रुपए तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। इस बीच बता दें कि जिस हिसाब से देश में पेट्रोल के दाम में तेजी आ रही है, उसे देखते हुए महंगाई के खतरे का हवाला देते हुए कई रेटिंग एजेंसियों ने हिंदुस्थान का जीडीपी ग्रोथ अनुमान भी घटा दिया है। बीते दिनों आई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल भारतीय तेल कंपनियों के लिए बेहद नुकसानदायक रहा है। मुडीज इन्वेस्टर्स की इस नई रिपोर्ट में कहा गया था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम में इजाफे के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखना तेल कंपनियों पर भारी पड़ा है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि इससे सिर्फ मार्च महीने में ही तेल कंपनियों को १९,००० करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

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