मुख्यपृष्ठसमाचारअपने ही अफसरों के खिलाफ धरने पर बैठे कारागार मंत्री!

अपने ही अफसरों के खिलाफ धरने पर बैठे कारागार मंत्री!

  • अधिकारियों की लापरवाही से थे नाराज

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
सीतापुर में शनिवार की सुबह प्रदेश के कारागार राज्यमंत्री और हरगांव से विधायक सुरेश राही कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए। इसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। बताया गया कि गौशाला विवाद, बाबा साहब की मूर्ति तोड़े जाने समेत अन्य मामलों में एसडीएम सदर ने १७० ग्रामीणों को नोटिस जारी की है। इसी मामले में राज्यमंत्री सुरेश राही सैकड़ों ग्रामीणों के साथ डीएम से मिलने पहुंचे थे। डीएम के ऑफिस में न होने पर राज्यमंत्री बाहर धरने पर बैठ गए। एसडीएम सदर अनिल कुमार ने मौके पर पहुंचकर मनाया लेकिन बात नहीं बनी। कारागार राज्यमंत्री का कहना है कि पहले मामले की जांच करके नोटिस जारी करना चाहिए था। बताया जा रहा है कि प्रशासनिक मनमानी के कारण किसी मामले में १७० लोगों को नोटिस भेजी गई थी, जिससे जनता में नाराजगी थी। जनता ने मंत्री पर दबाव बनाया तो मंत्री जी इस मामले पर प्रशासन से न्याय की बात की थी लेकिन प्रशासन ने उनकी एक न सुनी। जन समुदाय के दबाव में मंत्री जी ने डीएम कार्यालय की ओर मार्च निकाल दिए। मंत्री के धरने पर बैठने की खबर लखनऊ तक पहुंच गई, जिसके बाद एसडीएम फिर डीएम-एसपी मनाने आए। इसके बाद डीएम मंत्री जी को अपने साथ चेंबर में ले गए। मंत्री जी मान गए। बताते हैं इसी बीच पार्टी और सरकार में बैठे जिम्मेदार लोगों को इसकी जानकारी हुई तो मंत्री जी वीडियो बना कर स्पष्टीकरण दिए कि धरने पर नहीं बैठा था। लेकिन अब जनता कह रही है कि मंत्री जी न जनता में, न प्रशासन में अपनी छवि स्थापित कर पाए। ऊपर से जो संदेश मिला, इसको लेकर बेचैन अलग से हैं।

 

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