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सुकाणू समिति में मंत्री का निजी सचिव

सामना संवाददाता / मुंबई

शिक्षा मंत्री ने नियमों की उड़ाई धज्जियां, जयंत पाटील ने बोला हमला

राज्य की ईडी सरकार में मनमाना कारोबार चल रहा है। यही कारण है नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाने के साथ-साथ सालों से चली आ रही परंपरा का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा था है। २१ नवंबर २०२३ को राज्य सरकार की ओर से जारी जीआर में शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में सुकाणू समिति गठित की गई है। इस समिति में शिक्षा मंत्री के निजी सचिव का भी समावेश है। इस समिति में शिक्षा मंत्री के निजी सचिव को शामिल करने को लेकर राकांपा अध्यक्ष जयंत पाटील ने ईडी सरकार पर जामकर हमला बोला है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ‘माझी शाला, सुंदर शाला’, ‘मेरा विद्यालय, सुंदर विद्यालय’ अभियान के क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तरीय सुकाणू समिति का गठन किया है। यह समिति शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में गठित की गई है। इस समिति में मुख्यमंत्री और स्वूâली शिक्षा मंत्री के निजी सचिव व विशेष कार्यकारी अधिकारियों को शामिल किया गया है। इसको लेकर जयंत पाटील ने सरकार पर हमला बोला है। जयंत पाटील ने ट्वीट करके कहा है कि इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था। अब तक समितियां गठित की जाती थीं, जिनमें मंत्री, सचिव और संबंधित विषयों के विशेषज्ञ शामिल होते थे, लेकिन अब मंत्रियों के निजी सचिवों को समितियों में शामिल करने की नई परंपरा शुरू की जा रही है, जो सरासर अनुचित है, ऐसी तीखी टिप्पणी राकांपा प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटील ने की है।

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