मुख्यपृष्ठग्लैमर‘ये च्वॉइस का मैटर है!’-प्रिया आहूजा राजदा

‘ये च्वॉइस का मैटर है!’-प्रिया आहूजा राजदा

टीवी इंडस्ट्री में अपने दमदार अभिनय से निरंतर धमाल मचा रही अदाकारा प्रिया आहूजा राजदा इन दिनों लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में पत्रकार रीता के रूप में सुर्खियां बटोर रही हैं। इससे पूर्व प्रिया ‘हांटेड नाइट’ और ‘छज्जे छज्जे का प्यार’ जैसे चर्चित सीरियलों में भी महत्वपूर्ण किरदार निभा चुकी हैं। पेश है, प्रिया आहूजा राजदा से सोमप्रकाश ‘शिवम’ की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में अपनी पत्रकार की भूमिका के बारे में आप क्या कहेंगी?
मैं खुद को बहुत खुशनसीब मानती हूं, जो इस शो की शुरुआत से लेकर आज तक दर्शकों का इतना बेशुमार प्यार मुझे मिल रहा है। लोगों की दीवानगी का इजहार अक्सर मेरे इंस्टा और फेसबुक अकाउंट पर देखने को मिलता है।
सीरियल ज्यादा समय तक नहीं टिकते, वहीं ‘तारक मेहता…’ की निरंतर कामयाबी के बारे में आप क्या कहना चाहेंगी?
यह टीवी शो लोगों के दिलों से जुड़ा हुआ है। इसमें वही दिखाया जाता है, जो हमारे और आपके जीवन में घटित होता है। इसलिए दर्शकों का विश्वास इस टीवी शो के साथ कुछ ज्यादा ही जुड़ गया है।

टीवी के बाद क्या आप फिल्मों की ओर भी रुख अख्तियार करेंगी?
मैंने हमेशा से यही कहा है कि मुझे जहां भी अच्छा काम मिलेगा मैं वहां काम करूंगी। फिर वो किसी भी प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत क्यों न किया जाए। मैं सीमाओं में बंधकर काम नहीं करूंगी।

आज सिनेमा में बढ़ती अश्लीलता को आप वैâसे देखती हैं?
मुझे ऐसा नहीं लगता क्योंकि हमारे पास च्वॉइस होती है, करने की या दिखाने की। अब ये निर्भर करता है देखनेवाले पर कि उसे क्या देखना पसंद है। अगर आपको कोई भी कंटेंट अश्लील लगता है, तो आप उसे मत देखिए। आपसे कोई जबरदस्ती तो कह नहीं रहा है कि आप इसे जरूर देखिए। वहीं ऐसे सब्जेक्ट्स पर निगरानी रखने के लिए सरकार ने सेंसर बोर्ड का गठन किया है। अब उसको तय करना है कि क्या सही है और क्या गलत। दरअसल, ये च्वॉइस का मैटर है।

बॉलीवुड में सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए अपनी संस्कृति के साथ मजाक करना कहां तक उचित है?
सवाल घूम-फिर के वहीं आ जाता है। कुछ भी गलत-सही नहीं होता बस नजरिए का असर पड़ता है। अगर किसी को प्रोपेगेंडा क्रिएट करना है तो वो तो करेगा, ऐसे में निर्भर करेगा कि लोग किसी मुद्दे को कितना तूल देते हैं। यहां सब कुछ मनोरंजन के लिए तैयार किया जाता है न कि किसी से पर्सनल दुश्मनी निकालने के लिए।

क्या आपको लगता है कि बॉलीवुड में काम पाने के लिए कास्टिंग काउच का भी इस्तेमाल होता है?
मेरे साथ तो कभी ऐसा बर्ताव नहीं हुआ। वैसे भी हमारी इंडस्ट्री बहुत अच्छी है यहां कोई किसी के साथ जबरदस्ती नहीं कर सकता। काम पाने की लालसा लिए व्यक्ति पर निर्भर करेगा कि वो किन शर्तों पर काम चुनेगा। हर किसी की अपनी पर्सनल च्वॉइस होती है कोई इसका शिकार बन भी जाता है, तो कोई अपनी मेहनत को तवज्जो देना पसंद करता है।

अन्य समाचार