मुख्यपृष्ठनए समाचारआपकी रोटी नकली है? ... मुनाफाखोर कर रहे हैं मिलावटखोरी

आपकी रोटी नकली है? … मुनाफाखोर कर रहे हैं मिलावटखोरी

सामना संवाददाता / मुंबई
पहले के लोग गेहूं को धोकर खुद मिल में पिसवाने ले जाते थे। लेकिन अब वक्त की कमी की वजह से लोग पैक्ड आटे की खरीदारी करने लगे हैं और इसी का फायदा उठाकर मुनाफाखोर मिलावट कर आपके स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं, जबकि पैक्ड आटे की शुद्धता की कोई गारंटी नहीं होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि कहीं आपकी थाली में पहुंची रोटी नकली तो नहीं है।
बता दें कि बाजारों में मुनाफाखोरों द्वारा आटे में मिलावट करके इसे धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। नकली और असली आटे की पहचान करना बहुत मुश्किल है। नकली आटा खाने की वजह से कई तरह की गंभीर समस्याएं भी जन्म ले सकती हैं। ऐसे में नकली आटे की पहचान करना बहुत जरूरी है।
ऐसे हो रही है मिलावट
बता दें कि गेहूं के आटे में कई तरीकों से मिलावट की जाती है। आटे में कई बार चाक पाउडर मिला दिया जाता है। कई बार बोरिक पाउडर या मैदा मिलाकर भी बेचा जाता है, वहीं आटे में खड़िया मिट्टी की मिलावट की जाती है।

ऐसे करें असली और नकली आटे की पहचान
नकली आटे की पहचान के लिए सबसे पहले गिलास में पानी लें। इसके बाद इसमें आधा चम्मच आटा डालें। फिर १० से २० सेकंड इंतजार करें। अगर आटा पानी में तैर रहा है तो समझ जाइए कि यह नकली है। अगर वह बैठ जाए तो वो असली है। दूसरा तरीका रोटी बनाते वक्त भी हो सकता है। आटा को गूंथते वक्त अगर आप देखती हैं कि वो बहुत नर्म हो गया है तो समझ जाइए कि आटा असली है, जबकि नकली आटा मुलायम नहीं होता है। उसे गूंथते वक्त काफी मेहनत करनी पड़ती है, वहीं तीसरा तरीका आटा गूंथते वक्त नोटिस करें कि पानी का इस्तेमाल कितना हो रहा है। नकली आटे को गूंथने के लिए ज्यादा पानी की जरूरत होती है, जबकि असली आटा जल्द गुंथ जाता है और मुलायम भी रहता है। इतना ही नहीं असली आटे की रोटियां काफी नर्म होती है। कई घंटे बाद भी ये ताजी और मुलायम रहती हैं लेकिन नकली आटे की रोटी मुलायम नहीं होती है। इसके अलावा और भी कई तरीके है, जिससे असली और नकली आटे की पहचान की जा सकती है।

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