मुख्यपृष्ठसमाचारप्रोजेक्ट पड़ताल : चुनाव नजदीक आते ही प्रोजेक्ट में आने लगी तेजी

प्रोजेक्ट पड़ताल : चुनाव नजदीक आते ही प्रोजेक्ट में आने लगी तेजी

-समृद्धि महामार्ग का तीसरा फेज भारवीर-इगतपुरी जल्द होगा शुरू

– घोटी-सिनार मार्ग से होगी डेढ़ घंटे की बचत

अभिषेक कुमार पाठक

देश के सबसे लंबे समृद्धि महामार्ग का तीसरा फेज भारवीर-इगतपुरी पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। भले ही यह केवल २५ किमी लंबा है लेकिन इससे घोटी-सिन्नार मार्ग पर यात्रा करनेवाले मोटर चालकों के लिए लगभग डेढ़ घंटे की बचत होगी और वे इगतपुरी से केवल दो किलोमीटर दूर समृद्धि महामार्ग तक पहुंच सकेंगे। इससे भिवंडी से इगतपुरी तक नासिक महामार्ग पर यातायात की भीड़ कम हो जाएगी।
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) ने राज्य की राजधानी मुंबई और उप-राजधानी नागपुर के बीच की दूरी को कम करने के साथ-साथ यातायात को बढ़ावा देने के लिए कुल ७०१ किलोमीटर लंबे समृद्धि महमार्ग का काम शुरू किया है। पहले फेज में नागपुर-मनमाड और दूसरे चरण में मनमाड-भारवीर के बीच काम पूरा होने के बाद ६०० किलोमीटर महामार्ग को यातायात के लिए खोल दिया गया है। भारवीर-ठाणे जिले से अमन तक १०१ किमी हाईवे का काम अभी भी चल रहा है। एमएसआरडीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब भारवीर से इगतपुरी तक २५ किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है और इसे जल्द ही खोला जाएगा।
कैसे मिलेगी राहत?
वर्तमान में समृद्धि महामार्ग नासिक जिले के भारवीर तक पूरा हो चुका है और यातायात के लिए खोला जा चुका है। इसलिए मुंबई-ठाणे से संभाजीनगर, नागपुर की ओर जानेवाले वाहन चालक यदि समृद्धि हाईवे पर जाना चाहते हैं, तो उन्हें ठाणे, भिवंडी, कल्याण क्षेत्र में ट्रैफिक जाम के साथ-साथ घोटी-सिन्नार मार्ग पर भी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। इसके बाद भारवीर इंटरचेंज से होते हुए समृद्धि महामार्ग पर जाना होगा। लेकिन अब यदि भारवीर-इगतपुरी चरण पूरा हो जाता है, तो वाहन चालक इगतपुरी से सीधे समृद्धि महामार्ग पर जा सकेंगे, जिससे समय और ईंधन की काफी बचत होगी।
ट्रक ड्राइवरों को आ रहा है पसंद
नागपुर के लिए समृद्धि, संपन्नता और मजबूत ‘इंफ्रस्ट्रक्चर’ का द्वार खोलनेवाला समृद्धि महामार्ग आज प्राइवेट वाहनों की अपेक्षा ट्रक ड्राइवरों की पहली पसंद बना हुआ है। किसी तरह की रुकावट नहीं होने और टोल चुकाकर आराम से चलने के कारण ट्रक ड्राइवर समृद्धि महामार्ग पर ही चलना पसंद कर रहे हैं। इस कारण अन्य महामार्गों की तुलना में समृद्धि पर चलनेवाले ट्रकों की संख्या बढ़ती जा रही है। अन्य मार्ग पर जिस तरह बीच-बीच में पुलिस, आरटीओ सहित अन्य तरह की रोकटोक होती है, वह इस मार्ग पर न होने से ट्रक चालक अपनी एक लेन पकड़ते हैं और उसी में चलकर अपनी मंजिल तक आसानी से पहुंच रहे हैं, जहां अन्य मार्गों पर कई बार जाम की स्थिति से दो-चार होना पड़ता है तो वहीं समृद्धि महामार्ग पूरा साफ होने के चलते समय की बर्बादी भी नहीं होती। इससे व्यवसायियों का माल भी समय पर पहुंच रहा है।

अन्य समाचार

कुदरत

घरौंदा