मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनाजनसंदेश सुनाना होगा

जनसंदेश सुनाना होगा

जनसंदेश सुनाना होगा।
जन का प्रश्न उठाना होगा।
कैसे आई काली रातें।
यह सबको समझाना होगा।।
यह जो मौसम देख रहे हो।
उसके तह में जाना होगा।।
पूंजीवादी लोकतंत्र का।
सारा पता लगाना होगा।।
बातों का जो किला बनाते।
उनको सबक सिखाना होगा।।
जो हमको अंधा करते हैं।
अंधा उन्हें बनाना होगा।।
देशबंधुओं को बेशक ही।
एक मंच पर आना होगा।।
और एकता के परचम को।
भारत में लहराना होगा।।
खुशहाली का मौसम आए।
ऐसा मंत्र जगाना होगा।।
दुख-दुविधा में जीनेवाला।
वातावरण हटाना होगा।।
सत्य-अहिंसा के मौसम को।
लाकर जश्न मनाना होगा।।
अन्वेषी

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