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भिवंडी मनपा मुख्यालय में निर्धारित समय पर ही जनता को मिलेगा प्रवेश, आयुक्त ने जारी किया फरमान

सामना संवाददाता / भिवंडी

भिवंडी मनपा मुख्यालय में अब निर्धारित समय पर जनता को प्रवेश मिल पाएगा, क्योंकि मनपा प्रशासक व आयुक्त अजय वैद्य ने एक आदेश जारी कर मनपा दफ्तरों में शाम साढ़े पांच के बाद आम जनता हेतु नो इंट्री लगा दिया है। इतना ही नहीं इसके बाद सुरक्षा रक्षक सभी कार्यालय का निरीक्षण करेंगे और आम पब्लिक को गेट से बाहर करेंगे। कार्यालयों में कई बार मिलने वालों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करने की तयारी शुरू कर दी गई है।
मनपा प्रशासन द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रशासक व आयुक्त अजय वैद्य द्वारा लागू किए गए नए नियमों की जानकारी दी गई है, जिसमें बताया गया है कि मनपा मुख्यालय सहित सभी प्रभाग समिति के कार्यालयों में सुबह 10 बजे से ही नागरिकों की भीड़ आ जाती है, जो देर शाम तक बिना किसी कार्य के घूमते दिखाई देते हैं।जिनके कारण सरकारी कामों में अड़चन निर्माण होने से अधिकारी अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहें हैं, जबकि शासन के निर्णयानुसार पहले से ही पालिका प्रशासन ने अधिकारियों से उनके कार्यालयों में मिलने के लिए नागरिकों के लिए समय सीमा तय की है, जिसके मुताबिक नागरिक अधिकारी और विभागाध्यक्षों से दोपहर के बाद निर्धारित समय पर इनसे मिल सकते हैं। बावजूद इसके नागरिक सुबह 10 बजे से देर शाम तक मुख्यालय में घूमते रहते हैं। मनपा आयुक्त के आदेशानुसार बिना कारण घूमने वाले नागरिकों को पहले समझाया जायेगा, फिर उसका नाम व पता और आने का रजिस्टर करने के लिए मनपा सुरक्षाकर्मी शाम 5:30 के बाद सभी कार्यालयों का निरीक्षण कर विभागाध्यक्ष से नागरिकों का इनका सत्यापन किया जाएगा। बिना कारण शाम 5.30 बजे के बाद किसी भी नागरिक का मुख्यालय में प्रवेश बंद होगा, जिसके लिए आयुक्त अजय वैद्य ने सभी विभाग प्रमुखों, नियंत्रण अधिकारियों और सुरक्षा विभाग को आदेश जारी किया है कि अगर कोई जरूरी काम है तो संबंधित विभाग प्रमुख मिलने वाले नागरिकों को प्रमाण पत्र जारी करें, जिसके बाद ही उसका प्रवेश मुख्यालय या कार्यालय में सुरक्षाकर्मी द्वारा दिया जाएगा।
आयुक्त के नए फरमान पर उठा सवाल
इधर आयुक्त के इस आदेश को लेकर जनता में घोर नाराजगी व्याप्त है। अखिल भारतीय नागरिक लोकाधिकार मंच के ठाणे जिला अध्यक्ष कपिल मिश्र व समाजसेवक इरफान पटेल ने मनपा आयुक्त के इस फरमान को जनता विरोधी करार दिया है। उन लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि मनपा कार्यालय जनता की समस्या के निवारण के लिए होता है। अगर मनपा मुख्यालय व उसके दफ्तरों में जनता का काम आसानी से हो जाय तो उन्हें दर-दर भटकने की क्या जरूरत है? उन लोगों ने आरोप लगाया है कि आयुक्त ने यह नियम भ्रष्ट व कामचोर अधिकारियों के काले करतूतों को छिपाने हेतु यह बनाया गया है, जो भारतीय संविधान के खिलाफ है। उक्त लोगों ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि आयुक्त का आदेश क्या अधिकारियों के दलालों, ठेकेदारों व पूर्व नगरसेवकों पर भी लागू होगा? क्योंकि कानून तो सभी के लिए एक है।

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