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राज्य में सबसे तनावग्रस्त हैं पुणे के पुरुष! … पुणे में हाइपरटेंशन और डायबिटीज के ज्यादा मरीज

 बीमारी के मामले में नासिक और ठाणे भी नहीं हैं पीछे
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश में चलाए जा रहे निरोगी युवा, वैभव महाराष्ट्र अभियान के तहत पुणे में सबसे ज्यादा पुरुष तनावग्रस्त पाए गए हैं। पुणे में बड़ी संख्या में लोग हाइपरटेंशन और डायबिटीज के शिकार हो चुके हैं। उसके बाद नासिक और ठाणे जिले का नंबर है। बता दें कि इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में १८ साल से अधिक उम्र के युवाओं के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि निरोगी युवा, वैभव महाराष्ट्र अभियान पिछले साल १७ सितंबर से शुरू हुआ था। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस अभियान के तहत राज्य में १८ साल से अधिक आयु के २,७९,९९,२९० युवा पुरुषों के स्वास्थ्य की जांच पूरी कर ली गई है। इसमें से २,६८,९७,३७४ युवाओं का स्वास्थ्य जांच करने के बाद ईसीजी, सिटी स्वैâन और एक्स-रे आदि भी निकाले गए हैं। इसी के साथ ही ३४,८९,२२२ लोगों का इलाज भी किया गया है। इसी तरह २९,६५५ लोगों की छोटी-बड़ी सर्जरियां भी की गई हैं।
स्क्रीनिंग में सामने आए चौंकानेवाले तथ्य
इस स्क्रीनिंग अभियान में चौंकानेवाले तथ्य सामने आया कि राज्य में ३८,०७,३५७ लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं। इनमें सबसे ज्यादा ५,७१,१७९ लोग पुणे जिले से हैं। इसके बाद नासिक में २,७२,३५१ और ठाणे में २,२८,४१९ मरीज हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित पाए गए हैं। इस अभियान में निर्धारित लक्ष्य में से पुणे में ८५ प्रतिशत मरीजों की जांच की जा चुकी है। नासिक में ८६ फीसदी और सातारा में ७६ फीसदी मरीजों की जांच हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने कहा कि इन जिलों में अधिक मरीज पाए गए हैं, क्योंकि निरीक्षण दर अन्य जिलों की तुलना में अधिक है।
राज्य में मिले ४,६७,००० डायबिटीज के मरीज
राज्य में ४ लाख ६७ हजार डायबिटीज के मरीज मिले हैं, जिनमें से ३७,००० मरीज पुणे से हैं। उसके बाद कोल्हापुर में ३६,००० और अकोला में २६,००० डायबिटीज के मरीज पाए गए हैं। प्रदेश में १,८६,००० हृदय रोग के मरीज मिल चुके हैं। मुंह के वैंâसर के ७४ मरीज और ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस के १,६६८ मरीज मिले हैं। इसी तरह मोतियाबिंद के ७८८ और एनीमिया के १,२९८ मरीज पाए गए हैं।
२५ साल के उम्र वालों में भी
हाइपरटेंशन और डायबिटीज
एमडी फिजिशियन डॉ. नेताजी मुलिक ने कहा कि पिछले ५ से १० वर्षों में २५ वर्ष की आयु वर्ग में भी हाइपरटेंशन और डायबिटीज के मरीज मिलने लगे हैं। हमारी खान-पान की आदतें बदल गई है, गतिहीन जीवनशैली हर जगह और हर आयु में देखने को मिल रही है। इससे वजन बढ़ने से हाइपरटेंशन के साथ डायबिटीज संबंधी विकार बढ़ रहे हैं।

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