मुख्यपृष्ठसंपादकीयपुतिन मार्ग!...मोदी विरोधियों, सावधान!

पुतिन मार्ग!…मोदी विरोधियों, सावधान!

हिंदुस्थान का लोकतंत्र रूस के पुतिन के रास्ते पर चला गया है। कोई राजनीतिक विरोधी न छोड़ने व आलोचकों और राजनीतिक विरोधियों के बिना देश चलाने का मोदी-शाह पैटर्न चल रहा है। मोदी की नीति विपक्ष को झूठे अपराधों में फंसाकर जेल में डालना है; लेकिन पुतिन इन सबसे आगे निकल चुके हैं। व्लादिमीर पुतिन के कट्टर आलोचक और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी ४७ वर्षीय एलेक्सी नवलनी की जेल में मौत हो गई है। नवलनी की मौत के पीछे रहस्य और साजिश है। दुनिया इस बात पर एकमत है कि यह प्राकृतिक मौत नहीं थी बल्कि रूसी परंपरा के मुताबिक नवलनी की हत्या की गई है। नवलनी की मौत से उन देशों ने चिंता जताई है जो ‘लोकतंत्र’ मानते हैं। अमेरिका, जर्मन, ब्रिटेन समेत नाटो देशों ने चिंता जताई। अमेरिका ने मौत के लिए पुतिन को जिम्मेदार ठहराया, जबकि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन ने ही नवलनी की हत्या की। जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन को किसी के मरने और बचने से कोई फर्क नहीं पड़ता; लेकिन खुद को लोकतांत्रिक मानने वाले हिंदुस्थान की ओर से ‘पुतिन और नवलनी’ के मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की गई। इस मामले पर विश्वगुरु चुप हैं। रूस के विपक्षी नेता नवलनी ने पुतिन के खिलाफ आवाज उठाई और भ्रष्टाचार और अय्याशी का पर्दाफाश किया। वे रूस में लोकतंत्र की रक्षा और संसद की गरिमा के लिए अकेले लड़ रहे थे। नवलनी की संदिग्ध मौत से पुतिन के शासन पर संदेह पैदा हो गया है। इससे पहले नवलनी को जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी। तब वह बच गए थे। उसके बाद पुतिन ने उन्हें आतंकवादी कृत्यों का समर्थन करने के मामले में गिरफ्तार कर ३० साल की सजा सुनाई। २०१७ में उन पर प्राणघातक हमला हुआ था। इसमें उनकी एक आंख चली गई। २०१८ में उन्होंने पुतिन के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की कोशिश की, लेकिन झूठे आरोप में गिरफ्तार कर लिए गए। नवलनी ने पुतिन के भ्रष्ट प्रशासन और तानाशाही के खिलाफ युद्ध छेड़ा था। एलेक्सी नवलनी ने कहा कि पुतिन वोटिंग सिस्टम में धांधली करके चुने जाते हैं और इसके लिए वे पैसे और सिस्टम का दुरुपयोग करते हैं। पुतिन ने रूस के संविधान में यह प्रावधान किया कि वह आजीवन सत्ता में बने रह सकते हैं। एलेक्सी नवलनी ने संविधान की इस बर्बादी का कड़ा विरोध किया। एलेक्सी नवलनी पुतिन की तुलना में रूसी जनता के बीच अधिक लोकप्रिय हो गए और पुतिन के लिए एक समर्थ विकल्प बन गए। उनकी हत्या तब कर दी गई, जब दुनिया उन्हें उम्मीद से देख रही थी। उनकी मौत की खबर सामने आई। इस तरह पुतिन ने अपने धुर विरोधी का अंत किया। एलेक्सी को पुतिन ने यमालो-नेनेट्स जेल में कैद कर दिया था, यह जेल अपनी क्रूरता के लिए जानी जाती है। यह जेल मास्को से ढाई हजार किलोमीटर दूर एक निर्जन पहाड़ी इलाके में स्थित है। जब कोई कैदी इस जेल में दाखिल होता है तो उसकी कोई खबर बाहरी दुनिया को नहीं लगती। इसलिए एलेक्सी जेल गए और अब उनकी मौत की खबर ही सामने आई। एलेक्सी की मृत्यु के साथ रूस में पुतिन का कोई विरोधी नहीं बचा है। जो कोई भी पुतिन के खिलाफ बोलेगा, वह या तो गायब हो जाएगा या फिर उसकी एलेक्सी की तरह संदिग्ध रूप से मृत्यु हो जाएगी। रूस में विरोधियों को ‘गायब’ करने की एक पुरानी परंपरा है। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इसी उद्देश्य से ‘नाजी कैप’ बनाया गया था। शत्रु सेना और क्रांति की भाषा बोलने वाले नागरिकों को ऐसे नाजी कैपों में भेज दिया जाता था। वहां कैदियों से इतनी कड़ी मेहनत कराई जाती थी कि उस यातना के कारण कुछ ही दिनों में कैदियों की मौत हो जाती थी। साइबेरिया के इन यातना शिविरों में व्यक्ति को केवल यातनाओं से ही जूझना पड़ता था। लगातार बर्फबारी, अत्यधिक ठंड। कैदियों को ठंड से बचने के लिए कोई गर्म कपड़ा नहीं दिया जाता था। न पर्याप्त भोजन, न चिकित्सा सुविधाएं। इन यातना शिविरों को ‘गुलाग’ कहा जाता था। युद्ध समाप्त होने पर गुलाग बंद कर दिया गया; लेकिन रूसी शासकों ने ‘गुलाग’ को नए रूप में तैयार किया और वह पिनल कॉलनीज के नाम से जाना जाने लगा। सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले राजनीतिक कैदियों को इस पिनल कॉलोनी में भेज दिया जाता है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, मास्को से इन पिनल कॉलोनियों तक पहुंचने में सवा महीने का वक्त लगता है। यहां पहुंचते-पहुंचते कई कैदी बीमार पड़ जाते हैं या मर जाते हैं। पुतिन की ‘पिनल कॉलनीज’ नाजी यातना शिविरों का ही एक प्रकार है, जहां पुतिन के विरोधियों को भेजकर हमेशा के लिए उन कांटों को निकाल दिया जाता है। एलेक्सी नवलनी नाम के कांटे को यहीं खत्म कर पुतिन चिंता मुक्त हो गए हैं। पुतिन ने विरोधियों का कांटा निकाला! अब हिंदुस्थान के लोकतांत्रिक आंदोलनकारियों को सावधान हो जाना चाहिए। भाजपा द्वारा राजनीतिक विरोधियों का कांटा निकालना जारी है। फिलहाल, बैंक खाते फ्रीज करने और जेल भेजने तक जारी है। लेकिन कहीं नवलनी की तरह विरोधियों का कांटा न निकल जाए इसलिए अधिक सावधानी की जरूरत है!

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