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सवाल हमारे, जवाब आपके

केंद्र और गुजरात दोनों जगह भाजपा का शासन है। गुजरात में शराबबंदी के बावजूद जहरीली शराब पीने से आए दिन लोगों की मौत रही है। साथ ही करोड़ों रुपयों की ड्रग्स पकड़ी जा रही है। इसके बावजूद मोदी सरकार चुप्पी साधे बैठी है।

• खुल रही पोल
गुजरात मॉडल का ढिंढोरा पीटकर वोट तो हासिल कर लिए। अब इसकी पोल खुल रही है, जनता को पता चल रहा है कि गुजरात मॉडल में जहरीली शराब और ड्रग्स भी शामिल हैं।
-प्रतीक सिंह, डोंबिवली

• चिराग तले अंधेरा
चिराग तले अंधेरा वाली कहावत को साबित कर रहा है। गुजरात, गांधी जी के राज्य में सिर्फ नाम के लिए नशीली वस्तुएं बंद हैं, पैसा फेंकने पर सब कुछ मिल जाता है, जहरीली शराब और ड्रग्स इसके उदाहरण हैं।
-श्याम यादव, कल्याण

• आत्मनिर्भर भारत
जानलेवा शराब और ड्रग्स का अड्डा बनता जा रहा है गुजरात। केंद्र सरकार और राज्य सरकार चुप्पी साधे बैठी है। शायद यही है मोदी का आत्मनिर्भर भारत।
-सुधीर सिंह, अंबरनाथ

• आश्चर्यजनक और संदेहास्पद
केंद्र और गुजरात में भाजपा का शासन होते हुए भी यह राज्य नशे के सौदागरों का अड्डा बन गया है। जहरीली शराब से हुई मौतें और बार-बार पकड़ी जा रही करोड़ो रुपयों की ड्रग्स की खेप से इसकी पुष्टि होती है। इस पर केंद्र सरकार की चुप्पी आश्चर्यजनक और संदेहास्पद है।
-आर. एस. यादव, भायंदर

• एक दिखावा है
भाजपा ने लोगों के घर नशे से बर्बाद न हों, इसके लिए शराबबंदी कानून बनाए पर जहां पर शराबबंदी है, वहीं पर लोग जहरीली शराब पीकर मर रहे हैं। इससे साबित हो रहा है कि नशाबंदी कानून एक दिखावा है, एक सफेद हाथी जैसा है। भाजपा प्रशासन सही ढंग से काम नहीं कर रहा है।
-रमाकांत मिश्रा, अंबरनाथ

• कुशासन का प्रतीक
भाजपा के राज में नशाबंदी के बावजूद नशे का बड़ा जखीरा मिलना सुशासन नही कुशासन का प्रतीक है। केंद्र व गुजरात राज्य में भाजपा की सरकार हैं। भाजपा सत्ताधारियों ने सुशासन की मिसाल बनाने के लिए नशाबंदी जैसे कठोर कानून बनाए। शराबबंदी के बावजूद शराब को पीकर लोग मर रहे हैं। करोड़ों रुपए की शराब और ड्रग्स के साथ सौदागर पकड़े गए हैं।
-सन्नी यादव, उल्हासनगर

केंद्र की भाजपा सरकार देश की अन्य राजनीतिक पार्टियों को खत्म करने में जुटी हुई है। लेकिन पाकिस्तान में छिपे देश के असली दुश्मनों दाऊद इब्राहिम, मसूद अजहर और हाफिज सईद की तरफ केंद्र सरकार का ध्यान क्यों नहीं जा रहा है?
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