मुख्यपृष्ठनए समाचारपारदर्शिता पर उठता सवाल: मनपा आयुक्त ने गठित की निविदा परीक्षण समिति

पारदर्शिता पर उठता सवाल: मनपा आयुक्त ने गठित की निविदा परीक्षण समिति

अमर झा / भायंदर

मीरा-भायंदर मनपा में टेंडर प्रक्रिया व टेंडर वार हमेशा विवादों से घिरा रहा है। कभी इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठता है तो कभी मनपा अधिकारी व ठेकेदार साठ-गांठ पर सवाल उठते रहा है। ऐसे तमाम विवाद व सवालों में पारदर्शिता लाने के लिए नए मनपा आयुक्त-प्रशासक संजय काटकर ने इस पर कड़ी नजर रखने के लिए निविदा परीक्षण समिति का गठन किया है।
समिति गठन करने का मुख्य उद्देश्य मीरा-भायंदर महानगरपालिका के विभिन्न विभागों से अलग-अलग कार्यों के निकलने वाले नियम बाह्य टेंडरों पर अब लगाम लगाना है। मनपा आयुक्त ने जारी किए जाने वाले सभी टेंडरों में निर्धारित नियमों का पालन किया जाता है या नहीं। इस पर कड़ी नजर रखने के लिए निविदा परीक्षण समिति का गठन किया है। इस समिति में मनपा के अलग-अलग विभागों के अधिकारी शामिल रहेंगे, जिसमें अध्यक्ष अतिरिक्त आयुक्त अनिकेत मानोरकर, सह अध्यक्ष डॉ. संभाजी पानपट्टे, सचिव मुख्य लेखा व वित्त अधिकारी कालिदास जाधव, सदस्य मुख्य लेखापरीक्षक सुधीर नाकाडी का समावेश है।
ज्ञात हो कि मनपा के टेंडर प्रक्रिया पर कुछ जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संस्थाओं ने आयुक्त से मुलाकात कर टेंडर प्रक्रिया में होने वाले घोटाले के बारे में जानकारी दी थी। टेंडर जारी करते समय उससे निर्धारित नियम, अधिनियम, खरीदी संदर्भ के विविध सरकारी निर्णय, परिपत्र आदि का विचार किया जाना आवश्यक होता है। जबकि कई बार राजनीतिक दवाब या कमीशनखोरी के लिए इनमें ठेकेदारों की सुविधानुसार नियमों में तोड़-मरोड़ करने के मामले भी सामने आए हैं।
निविदा परीक्षण समिति के कार्य
मनपा आयुक्त काटकर ने निविदा परीक्षण समिति को निम्न निर्देश दिए हैं, जिसमें किसी भी कार्य का टेंडर जारी करते समय उस कार्य के खर्च को वित्तीय बजट में समाविष्ट किया गया था अथवा नहीं। इस पर ध्यान देना आवश्यक है। वर्तमान में जारी किए गए सभी टेंडरों के नियम और शर्तों की पुनः जांच करना, आवश्यकता लगने पर नए नियम-शर्त निश्चित करना है। टेंडरों (निविदा) के नियम-शर्तो की जांच करते समय सांसद, विधायक निधि के कार्य, मूलभूत सेवा समिति के कार्य, राज्य सरकार से प्राप्त अनुदान के कार्य, इसके बाद मनपा निधि से होने वाले कार्यों का क्रम आयुक्त ने निर्धारित किया है। ऑनलाइन और ऑफलाइन टेंडर के दस्तावेज भी उपलब्ध करने होंगे।
क्या कहना है –
👉 नए आयुक्त द्वारा पारदर्शी कामकाज के लिए निविदा परीक्षण समिति का गठन करने का निर्णय स्वागत योग्य है-गीता भरत जैन, विधायक, मीरा-भायंदर
👉 मनपा के अधीनस्थ अधिकारियों की समिति के जांच से भ्रष्टाचार उजागर नहीं होगा। नए मनपा आयुक्त टेंडर के घोटालों और भ्रष्टाचार पर सच में अंकुश लगाना चाहते हैं, तो उन्हें रिटायर्ड जज या थर्ड पार्टी ऑडिटर से पूर्व में जारी किए गए सभी टेंडर की जांच करवानी चाहिए-प्रदीप जंगम, अध्यक्ष, जिद्दी मराठा प्रतिष्ठान

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