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सवाल हमारे, जवाब आपके!…`घाती’ सरकार की घटिया नीति

शिंदे सरकार के कार्यकाल में अस्पतालों की दयनीय स्थिति रोंगटे खड़ी कर देनेवाली है, जहां दवाइयों के अभाव में मरीजों की मौत हो रही है। राज्य की इस चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था के बारे में आपकी क्या राय है?

राज्य के सरकारी अस्पतालों में दवाई के अभाव में हुई मौतों के लिए `घाती’ सरकार और उसकी घटिया नीति ही जिम्मेदार है। विधायक और नगरसेवक की खरीद-फरोख्त के लिए इनके पास खोके रखे हुए हैं, लेकिन सरकारी अस्पतालों में दवाइयों के लिए इनके पास बजट कम है। अब तो २०२४ में जनता ही इन्हें हिसाब-किताब देगी।
-मोहसीन शेख, कुर्ला

निजी स्वार्थ पर सरकार दे रही ध्यान
राज्य में शिंदे सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं से कोई लेना-देना नहीं है। यह सरकार जनता के हितों को कम और अपने निजी स्वार्थ पर ज्यादा ध्यान दे रही है। हाल ही में अस्पतालों में हुई मौतों से साफ होता है कि स्वास्थ्य के मामलों पर सरकार खरी नहीं उतर रही है। राज्य के जो स्वास्थ्य मंत्री हैं, उन्हें स्वास्थ्य विषयों की जानकारी नहीं है। इन सब के लिए पूरी तरह से शिंदे सरकार जिम्मेदार है।
-रेखा यादव, चिंचपोकली

`घाती’ सरकार जिम्मेदार
राज्य की स्वास्थ्य-व्यवस्था बिल्कुल ही चरमरा गई है। राज्य की घाती सरकार इसके लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है। राज्य की सरकार ने यदि स्वास्थ्य मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया होता तो शायद इतनी खराब दशा स्वास्थ्य विभाग की नहीं हुई होती। मुख्यमंत्री आज भी स्वास्थ्य विभाग की हालत को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
-राजू सिंह, वडाला

 स्वार्थी सरकार
महाविकास आघाड़ी सरकार के बाद आई शिंदे की `घाती’ सरकार जनता के हित में कम और अपने हित में ज्यादा सोच रही है। हाल ही में विधानसभा प्रतिपक्ष नेता अंबादास दानवे ने शिंदे सरकार की पोल खोली थी। उन्होंने खुलासा किया था कि पिछले एक वर्ष में शिंदे सरकार ने एक रुपए की भी दवाइयां नहीं खरीदी हैं। ऐसा खुलासा होने से साफ हो जाता है कि शिंदे सरकार की ही गलतियों के कारण मरीजों की जान गई है। वर्तमान सरकार को जल्द से जल्द गिराकर महाविकास आघाड़ी सरकार को लाना चाहिए। नहीं तो यूं ही मरीजों और आम लोगों की जान जाती रहेगी।
-अमित सिंह, ठाणे

जल्द गिरेगी शिंदे सरका
महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव बालासाहेब ठाकरे द्वारा की गई उपाय योजनाओं की तारीफ पूरी दुनिया कर रही है। उन्होंने जिस तरह परिवार के मुखिया की तरह पूरे महाराष्ट्र और यहां रह रहे लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखा, वह वाकई काबिलेतारीफ हैं। लेकिन इस बार शिंदे सरकार केवल अपनी झोली भरने का काम कर रही है। वर्तमान सरकार को महाराष्ट्र और यहां रह रहे लोगों की पड़ी ही नहीं हैं। यही वजह है कि पिछले एक वर्ष में शिंदे सरकार ने एक रुपए की भी दवाइयां नहीं खरीदी हैं। वर्तमान सरकार को जल्द से जल्द गिराकर एक बार फिर से उद्धव ठाकरे के नेतृत्ववाली सरकार को महाराष्ट्र की सत्ता में लाने की आवश्यकता है।

-धर्मेंद्र मौर्य, ठाणे

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