मुख्यपृष्ठनए समाचारविधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर उठे सवाल... सुनवाई में भेदभाव!

विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर उठे सवाल… सुनवाई में भेदभाव!

-शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट को अलग और गद्दार गुट को अलग न्याय नहीं चलेगा

शिवसेना के मुख्य प्रतोद सुनील प्रभु ने जताई नाराजगी 

सुनवाई जल्द निपटाने का सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

सामना संवाददाता / नागपुर

राज्य में घाती विधायकों की अयोग्यता को लेकर विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के समक्ष शुरू सुनवाई में सत्ताधारियों की ओर से गड़बड़ी करने की कोशिश जारी है। इस सुनवाई में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के विधायकों के साथ अलग और ‘घाती’ शिंदे गुट के विधायकों के साथ अलग-अलग व्यवहार किए जाने का आरोप लग रहा है। यहां सुनवाई के लिए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के विधायकों से पूछताछ के लिए लंबा समय लिया गया तो वहीं गद्दार गुट के विधायकों से पूछताछ को सीमित समय में समाप्त करने का निर्देश दिया गया है, यहां तक कि शाम तक गद्दार गुट के विधायकों से सवाल पूछने की प्रक्रिया पूरा करने का निर्देश दिया है। जिसे लेकर शिवसेना के विधानसभा में मुख्य प्रतोद सुनील प्रभु ने नाराजगी जताई है। विधानसभा अध्यक्ष ने सोमवार को सुनवाई के दौरान नई समयसारिणी की घोषणा की, जिसमें उन्होंने इस मामले की सुनवाई को २० तारीख से पहले निपटाने का निर्देश दोनों दलों के वकीलों को दिया है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को विधायकों की अयोग्यता को लेकर विलंब से सुनवाई शुरू करने को लेकर कई बार फटकार लगा चुका है।  सुप्रीम कोर्ट ने ३१ दिसंबर से पहले इस मामले की सुनवाई निपटाने का निर्देश अध्यक्ष को दिया है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के विधायक सुनील प्रभु की गवाही दर्ज की गई। उनसे लगातार ६ दिनों तक चली सुनवाई में सवालों के जवाब मांगे गए, लेकिन यहां ‘घाती’ गुट के विधायकों से मात्र कुछ समय में ही सवालों को पूछने का मौका वकीलों को दिया जा रहा है।
कुछ ही समय में दिलीप लांडे, योगेश कदम, उदय सामंत की पूछताछ प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जबकि आज शाम तक दीपक केसरकर, राहुल शेवाले, भरत गोगावले  से सवाल पूछने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जिसे लेकर सुनील प्रभु ने नाराजगी जताई, उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष की ओर से जारी निर्देश पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ठाकरे गुट के विधायकों के लिए अलग न्याय और शिंदे गुट के विधायकों के लिए अलग न्याय से काम नहीं चलेगा। छह दिन तक मुझसे पूछताछ की गई और यहां कुछ दिन में ५ से ६ लोगों की जांच पूरी होगी। यह उचित नहीं है।
कैसा है शेड्यूल 
गवाहों से पूछताछ प्रक्रिया को १२ दिसंबर तक खत्म करने का निर्देश दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों गुटों के वकीलों को हिदायत दी है। इसके मुताबिक, अब १२ दिसंबर तक शिंदे गुट के विधायक दीपक केसरकर, सांसद राहुल शेवाले और अंत में भरत गोगावले से भी पूछताछ पूरी हो जाएगी।  इसके बाद १३ से १५ दिसंबर के बीच दोनों पक्षों में लिखित बहस होगी। दोनों दल अपने हलफनामे सौंपेंगे। लिखित बहस के बाद १६ से २० दिसंबर तक अंतिम सुनवाई होगी। आखिरकार २० दिसंबर के बाद शिवसेना विधायक अयोग्यता परिणाम की घोषणा होने की संभावना है।

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