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मनपा की डीप क्लीनिंग प्रोजेक्ट पर उठे सवाल…

-गड्ढों से भरी सड़कें कैसे होंगी साफ?

-धूल नहीं, साफ होगा सरकारी खजाना…केवल होगी पानी की बर्बादी

ट्विंकल मिश्रा / मुंबई

वर्ष २०२४-२५ के वित्तीय बजट में मुंबई महानगरपालिका ने शहर की साफ सफाई के लिए डीप क्लीनिंग प्रोजेक्ट की घोषणा की थी, जिसके तहत मुंबई की मुख्य सड़कों की प्रतिदिन धोने का प्रावधान था। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि जब मुंबई की तमाम सड़कें ही क्षतिग्रस्त हैं तो उनकी धुलाई वैâसे होगी? उस पर यह यक्ष प्रश्न है कि मनपा इतनी बड़ी तादाद में धुलाई के लिए पानी कहां से लाएगी? जानकार इसे सड़कों की धुलाई से ज्यादा सरकारी खजाने की सफाई मान रहे हैं। उनका तर्क है कि मुंबई में सड़कों की धुलाई का कॉन्सेप्ट काफी पुराना है। पर उसकी उचित निगरानी का कोई पैटर्न नहीं है तो ऐसे में इस योजना से भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार होने की संभावना है। साथ ही यह शहर में पानी की किल्लत को और भी बढ़ाने का कारण साबित हो सकता है।
हर शनिवार को होगा सफाई का तमाशा
मनपा के अधिकारियों से बात करने पता चला कि जहां पहले सड़क की धुलाई के लिए २०० टैंकर पानी का इस्तेमाल किया जाता था, वहीं अब इस प्रक्रिया में १,००० पानी के टैंकरों का इस्तेमनाल किया जाएगा। इन टैंकरों में इंडस्ट्रियल कामों में प्रयोग किया गया और रीसायकल किया हुआ पानी का प्रयोग होगा। सड़कों को धोने का काम अगले महीने यानी मार्च से शुरू किया जाएगा। मार्च महीने में हर शनिवार को मुंबई की सड़कों की धुलाई होगी और हर शनिवार को हजार टैंकर पानी का इस्तेमाल किया जाएगा।
कैसे होगी गड्ढों की सफाई?
मुंबई की सड़कें पर जहां एक तरफ मेट्रो कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है और दूसरी तरफ गड्ढों की भरमार है तो ऐसे में सड़कों की धुलाई से कितनी साफ-सफाई होगी, इसे आप खुद ही समझ सकते हैं। ‘घाती’ सरकार को कार्यकाल शुरू होने के २ साल बाद याद आया कि मुंबई को डीप क्लीनिंग की जरूरत है। दरअसल, मुंबई की डीप क्लीनिंग के आड़े कॉन्ट्रेकर और अपनी जेबें भरने का ‘डीप’ काम किया जा सकता है, ऐसी भी आशंका जताई जा रही है।
मनपा का जुमला
जलधारा एनजीओ के सुशील मिश्र बताते हैं कि मुंबई सड़कों की सफाई में सिर्फ पानी की बर्बादी होगी। तेज धुप वाले इस मौसम में करीब सैकड़ों टैंकर पानी डाल कर मिट्टी बैठा दी जाएगी, जो शाम तक फिर वैसी ही हो जाएगी जैसी थी। फिर ऐसी सफाई का क्या मतलब? इलेक्शन के मद्देनजर रखते हुए यह कदम उठाया गया है और कुछ नहीं। मुंबई की कई सड़कों पर मेट्रो का काम चल रहा है, वहां सड़कों को वैâसे साफ किया जाएगा? गड्ढे भरे रास्तों को वैâसे साफ किया जाएगा? मनपा को पानी की बर्बादी की जगह सकिंग मशीन का इस्तेमाल करना चाहिए।
सफाई से पहले मरम्मत की जरूरत
मुंबई की सड़कों को सफाई से पहले मरम्मत की जरूरत है। जगह-जगह गड्ढे हैं, हर जगह खुदाई हो रही है और इन्हें सड़क साफ करनी है। चुनाव आ रहे हैं, इसलिए मनपा को स्वच्छता नजर आ रही है। २ साल से ये लोग क्या कर रहे थे? इन्हे अब तक सड़क की गंदगी नहीं दिखाई दी? अब चुनाव आ रहा है तब इन्हे डीप क्लीनिंग करनी है।
अल नासिर जकारिया, कांग्रेस नेता

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