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राहुल नार्वेकर बने विधानसभा अध्यक्ष: शिवसेना के व्हिप की ३९ बागी विधायकों ने की अनदेखी

सामना संवाददाता / मुंबई

शिवसेना के ३९ बागी विधायकों के मतों की मदद से कल भाजपा के विधायक राहुल नार्वेकर महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष बन गए। आवाज से मतदान और उसके बाद व्यक्तिगत मतों का पंजीकरण करके संपन्न हुए इस चुनाव में राहुल नार्वेकर को १६४ तो महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवार राजन सालवी को १०७ मत मिले, बागी विधायकों ने शिवसेना के व्हिप का उल्लघंन करके मतदान किया, इसकी शिकायत शिवसेना विधायक दल के नेता ने उपाध्यक्ष नरहरि झिरवल से की, वहीं बागी शिवसेना विधायकों ने व्हिप पालन न करने का उलटा दावा करते हुए नवनिर्वाचित अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को पत्र सौंपा, इसको अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने दर्ज किया। इसलिए इस पर सुनवाई के बाद विधायकों की अयोग्यता तय होगी। भाजपा की सत्ता आने के बाद राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने तत्परता दिखाते हुए अधिवेशन बुलाया, अधिवेशन के पहले ही दिन विधिमंडल के अध्यक्ष पद का चुनाव संपन्न हुआ। बागी विधायकों और भाजपा के चंद्रकांत पाटील ने अध्यक्ष पद पर एडवोकेट राहुल नार्वेकर के चयन का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर भाजपा के गिरीश महाजन ने अनुमोदन किया, राष्ट्रवादी कांग्रेस के चेतन तुपे ने अध्यक्ष पद के लिए राजन सालवी के नाम का प्रस्ताव रखा और उसका अनुमोदन कांग्रेस के संग्राम थोपटे ने किया। इसके बाद झिरवल ने प्रस्ताव पर वोट डालने की घोषणा की।
नए अध्यक्ष विराजमान
अध्यक्ष के चुनाव के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, एनसीपी विधायक दल नेता जयंत पाटील, कांग्रेस के बालासाहेब थोरात, नाना पटोले और शिवसेना के अजय चौधरी ने नार्वेकर को विधानसभा अध्यक्ष के आसन के पास ले जाकर आसन पर बैठाया। नार्वेकर ने अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाला। फरवरी २०२१ से रिक्त पड़े इस पद को कल भरा गया।
दिलीप मोहिते, अन्ना बनसोडे सदन के बाहर
राकांपा के दिलीप मोहिते और अन्ना बनसोडे मतदान के लिए सदन में प्रवेश नहीं कर सके। बनसोडे और मोहिते दोनों पेशाब करने गए थे। उक्त दोनों को वहां आने तक हॉल के दरवाजे बंद थे इसलिए वे लोग मतदान के लिए सदन में नहीं आ सके, ऐसा खुलासा दिलीप मोहिते ने किया।
छोटे दल, निर्दलीय ने बदला पाला
सत्ता परिवर्तन के बाद छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों ने अपनी भूमिका बदल दी है। कल अध्यक्ष पद के चुनाव में हितेंद्र ठाकुर की बहुजन विकास आघाड़ी, बच्चू कडू की प्रहार जनशक्ति और शेकाप समेत अधिकांश निर्दलीय विधायकों ने राहुल नार्वेकर के पक्ष में वोट दिए, वहीं माकपा के विनोद निकोले, क्रांतिकारी शेतकरी पक्ष के संजय मामा शिंदे और देवेंद्र भुयार ने आघाड़ी के पक्ष में मतदान किया।
ये विधायक थे अनुपस्थित
राकांपा के नवाब मलिक और अनिल देशमुख न्यायिक हिरासत में होने के कारण चुनाव में शामिल नहीं हो सके। राकांपा विधायक नीलेश लंके, दिलीप मोहिते, दत्तात्रेय भरने, बबन शिंदे और अन्ना बनसोडे अनुपस्थित रहे। भाजपा विधायक मुक्ता तिलक और लक्ष्मण जगताप बीमारी के कारण अनुपस्थित रहे। कांग्रेस विधायक प्रणीति शिंदे और एमआईएम विधायक मुफ्ती इस्माइल खालीफ भी अनुपस्थित रहे।
पार्टी विरोधी मतदान
शिवसेना के ३९ बागी विधायकों ने पार्टी के खिलाफ मतदान किया था। इसकी शिकायत विधानसभा उपाध्यक्ष के यहां की गई। इस पर बोलते हुए उपाध्यक्ष नरहरि झिरवल ने कहा कि शिवसेना के विधायकों ने पार्टी के व्हिप के खिलाफ वोट किया है। मामला सदन के रिकॉर्ड में है, इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है। यह बात पार्टी प्रतोद सुनील प्रभु द्वारा नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष के संज्ञान में लाए जाने के बाद बागी गुट द्वारा एक पत्र जारी किया गया। पत्र में दावा किया गया है कि शिवसेना के १६ विधायकों ने व्हिप का पालन नहीं किया। इस पत्र को पढ़ने के बाद अध्यक्ष ने कहा कि इसे रिकॉर्ड कर लिया गया है।

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