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राहुल ने साधा मोदी पर निशाना : प्रधानमंत्री जी को काले कृषि कानून की तरह `अग्निपथ’ स्कीम को भी वापस लेना होगा

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
इन दिनों देश के युवाओं में मोदी सरकार द्वारा सेना भर्ती में किए गए बड़े बदलाव की वजह से रोष व्याप्त है। मोदी सरकार द्वारा जब से अग्निपथ स्कीम शुरू की गई है,तभी से युवाओं का विरोध जगह-जगह देखा जा रहा है। अग्निपथ योजना के विरोध के बीच कई राज्यों में राजमार्ग और रेलवे स्टेशन पर हिंसा देखी गई है। कई जगह सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। सेना भर्ती के इस बदलाव का देशभर में विरोध किया जा रहा है। साथ ही राजनीतिक दल भी युवाओं के समर्थन में आ गए हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस स्कीम को लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विवादित कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा था, ठीक उसी तरह उन्हें युवाओं की मांग को स्वीकार करना होगा और ‘अग्निपथ’ रक्षा भर्ती योजना को वापस लेना पड़ेगा। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार लगातार आठ वर्षों से ‘जय जवान, जय किसान’ के मूल्यों का ‘अपमान’ कर रही है।
‘अग्निपथ’ योजना के विरोध के बीच शुक्रवार को कुछ राज्यों में राजमार्ग और रेलवे स्टेशन में हिंसा देखी गई। तेलंगाना के सिवंâदराबाद में पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कुछ शहरों में ट्रेन में आग लगाए जाने और निजी एवं सार्वजनिक वाहनों में तोड़फोड़ किए जाने की घटनाएं सामने आई थीं।
राहुल ने ट्वीट किया कि `८ वर्षों से भाजपा सरकार ने ‘जय जवान, जय किसान’ के मूल्यों का लगातार अपमान किया है। मैंने पहले भी कहा था कि प्रधानमंत्री जी को काले कृषि कानून वापस लेने प़ड़ेंगे, ठीक उसी तरह उन्हें ‘माफीवीर’ बनकर देश के युवाओं की बात माननी पड़ेगी और ‘अग्निपथ’ को वापस लेना ही पड़ेगा। बता दें कि सरकार ने मंगलवार को इस योजना की शुरुआत करते हुए कहा था कि साढ़े १७ से २१ साल तक की उम्र के युवाओं को संविदा के आधार पर चार साल के कार्यकाल के लिए थल-सेना, वायुसेना और नौसेना में भर्ती किया जाएगा। सरकार ने कहा था कि रक्षा जरूरतों के आधार पर २५ प्रतिशत जवानों को नियमित सेवा के लिए बरकरार रखा जाएगा।
गौरतलब है कि ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर बढ़ते विरोध के मद्देनजर भर्ती के लिए ऊपरी आयु सीमा गुरुवार को बढ़ाकर २३ साल कर दी गई थी। नई भर्ती योजना को सरकार ने तीनों सेनाओं में युवाओं की संख्या बढ़ाने के लिए दशकों पुरानी चयन प्रक्रिया में एक बड़े बदलाव के रूप में पेश किया है।

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