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निधि न मिलने से रेलवे एफओबी कार्य रुका… ‘शिंदे’ के ठाणे में पैसों की कड़की!

-यात्रियों को घूमकर यात्रा करनी पड़ रही है

सामना संवाददाता / ठाणे

रेलवे स्टेशन के पूर्व और पश्चिम खंड को जोड़ने के लिए दो पैदल यात्री पुलों का निर्माण पिछले कुछ वर्षों से चल रहा है, लेकिन इस काम के लिए ठाणे मनपा से समय पर फंड नहीं मिलने के कारण पुल का काम रुका हुआ है। दिसंबर के अंत तक पुल का काम पूरा हो जाएगा और इसे यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा, लेकिन काम बंद होने के कारण इन पुलों के लिए अभी तीन महीने और इंतजार करना पड़ेगा। इसके अलावा जहां कल्याण दिशा में पुल का काम रुका हुआ है, वहीं इसके बगल के पैदल यात्री पुल को खतरनाक बताकर बंद कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को चक्कर लगाना पड़ रहा है।
बता दें कि ठाणे रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों के लिए छह में से चार पैदल यात्री पुल उपलब्ध हैं। इनमें से दो पुल ठाणे के पूर्व और पश्चिम को जोड़ रहे हैं। ये पुल ठाणे के पूर्वी हिस्से में रहनेवाले लोगों को पश्चिम की ओर आने के लिए बनाए गए हैं। इनमें से एक पुल कल्याण की ओर है। दूसरा पुल मुंबई की ओर है। इन पुलों का रख-रखाव रेलवे प्रशासन द्वारा ठाणे मनपा के फंड से किया जाता है। ठाणे पूर्व के कोपरी, चेंदनी कोलीवाड़ा, अष्टविनायक चौक जैसे इलाकों में रहने वाले हजारों नागरिक अकसर काम के लिए ठाणे-पश्चिम में जाने के लिए रेलवे पुल का उपयोग करते हैं। इसलिए यहां के नागरिकों के आवागमन के लिए ये दोनों पुल महत्वपूर्ण हैं। चूंकि यह पुल जर्जर और खतरनाक था, इसलिए रेलवे प्रशासन ने इसे तोड़कर इसके स्थान पर नया पुल बनाने का फैसला किया। इसके अलावा, पारसिक सुरंग क्षेत्र में एक पैदल यात्री पुल का भी निर्माण किया जा रहा है। कोरोना काल में राजस्व संग्रह प्रभावित होने से बचत और खर्च का हिसाब-किताब बिगड़ने के कारण ठाणे मनपा ने दूसरे चरण का फंड नहीं दिया। मनपा द्वारा तीसरे चरण की धनराशि उपलब्ध नहीं कराए जाने से ये कार्य फिर से रुक गए हैं। रेलवे ने दावा किया है कि अगर मनपा ने फंड दे तो वह तीन माह में दोनों पैदल पुल बना देगा।
पुल के काम की लागत बढ़ गई
ठाणे रेलवे स्टेशन पर कुल तीन पैदल यात्री पुल, मुंबई और कल्याण की ओर दो पुल और पारसिक सुरंग पर एक पुल का निर्माण किया जा रहा है। इन पुलों की लागत शुरुआत में २४ करोड़ ९० लाख रुपए आने की उम्मीद थी। लेकिन पुल के काम में देरी के कारण अब यह लागत भी बढ़ गई है। इन पुलों के काम की लागत तीन करोड़ बढ़कर २७ करोड़ ६३ लाख रुपए हो गई है।

क्या कहता है मनपा प्रशासन?
अगले कुछ दिनों में रेलवे प्रशासन को ५ करोड़ रुपए उपलब्ध करा दिए जाएंगे। शेष धनराशि भी शीघ्र उपलब्ध कराई जाएंगी।
-धनंजय मोड, कार्यकारी अभियंता, ठाणे मनपा

शिवसेना है प्रयत्नशील
ठाणे स्टेशन के कल्याण दिशा में पुल बंद होने से कोपरी, चेंदनी कोलीवाड़ा क्षेत्र के नागरिकों को परेशानी हो रही है। इससे नागरिकों में प्रशासन के प्रति असंतोष है। इस संबंध में मध्य रेलवे के मुख्य रेल प्रबंधक रजनीश गोयल से मुलाकात की और उन्हें पुल के महत्व से अवगत कराया। मनपा द्वारा राशि उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण पुल का काम बंद कर दिया गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि फंड की कमी के कारण काम नहीं रोका जाए। धन की उपलब्धता के संबंध में ठाणे मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर को भी पत्र लिखा गया है।
 -राजन विचारे, शिवसेना सांसद, ठाणे लोकसभा

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