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अवैध यत्रियों पर रेलवे ने मूंदी आंखें … प्रथम श्रेणी में ३०% एसी में ७०% अवैध यात्री! …लोकल में कमजोर हुई टिकट चेकिंग

सामना संवाददाता / मुंबई
मायानगरी मुंबई में यात्रा करने के लिए लोकल ट्रेन सबसे बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प माना जाता है। यही वजह है कि मुंबईकर लोकल ट्रेन को मुंबई की लाइफलाइन कहते हैं। हालांकि, विगत कुछ महीनों से कमजोर टिकट चेकिंग के कारण ट्रेनों में अवैध यात्रियों की संख्या बढ़ने से यह ‘सुरक्षित’ सफर अब असुरक्षित हो गया है। जानकारी के मुताबिक, एसी लोकल में ७० फीसदी जबकि फर्स्ट क्लास में ३० प्रतिशत से ज्यादा अवैध यात्री सफर कर रहे हैं।
बता दें कि घरेलू या नौकरीपेशा महिला-पुरुष, बच्चे-बुजुर्ग सहित बड़ी संख्या में लोग फर्स्ट और सेकंड क्लास में यात्रा करते हैं। लेकिन रेलवे की आंखें मूंदें रहने के कारण अवैध यात्री ट्रेन में चढ़कर अन्य यात्रियों की परेशानियों का सबब बनते हैं। कई बार अवैध यात्री शराब के नशे में सीट पर सोए रहते हैं। नशेड़ी यात्री हमेशा नियमों का उल्लंघन करते हैं, जिससे अन्य यात्री परेशान हो जाते हैं। कई बार तो यह परेशानी झगड़े का रूप ले लेती है।
प्रथम श्रेणी में ३०% से अधिक अवैध यात्री
अपनी सुविधा के लिए ज्यादा पैसे देकर यात्री फर्स्ट क्लास का पास या टिकट लेते हैं। लेकिन यह सुविधा तब असुविधा में बदल जाती है, जब कंपार्टमेंट में बिना टिकट या अवैध टिकट के साथ यात्रा करनेवाले चढ़ जाते हैं। रोजाना चर्चगेट से गोरेगांव तक यात्रा करनेवाले एड. आनंद ने बताया कि यह स्थिति हमेशा एक जैसी रही है। मैं कई बार देर रात भी यात्रा करता हूं, उस वक्त अवैध यात्रियों की संख्या ज्यादा होती है। क्योंकि उन्हें पता है रात के समय कहीं चेकिंग नहीं होती है। रेलवे को रात के समय दिन से ज्यादा ध्यान देना चहिए।
एसी में ७०% से ज्यादा अवैध यात्री
एसी लोकल की यात्रा सबसे ज्यादा आरामदायक होती है। लेकिन यह यात्रा तब तकलीफदेह हो जाती है, जब बिना टिकट या अवैध यात्री यात्रा करते हैं। एक यात्री ने बताया कि अगर किसी ने एक महीने बिना पकड़ाए अवैध यात्रा की और एक दिन पकड़ के फाइन भरा, तब भी उन्हें घाटा नहीं होता, क्योंकि वे उससे ज्यादा यात्रा कर चुके होते हैं। इसलिए रेलवे को रेगुलर यात्रा के दौरान चेकिंग के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए।
ये है रेलवे नियमों के विरुद्ध
रेलवे एक्ट १९८९ की धारा १४५ कहती है कि ट्रेन, रेलवे प्लेटफॉर्म समेत रेलवे परिसर में कहीं भी शराब, नशीले पदार्थ का सेवन करते हुए पाए जाने पर यात्री का टिकट या पास रद्द करने के साथ ही छह महीने की जेल या ५०० रुपए का दंड लग सकता है।
बढ़ रही हैं आपराधिक घटनाएं
कुछ दिनों पहले बोरीवली लोकल के प्रथम श्रेणी डिब्बे में यात्रा कर रहे एक यात्री ने देखा कि उसी डिब्बे में एक अन्य यात्री शराब पी रहा है। उन्होंने उस शराबी के कई फोटो लिए और ‘दोपहर का सामना’ के साथ शेयर किया। हालांकि, यह पहला मामला नहीं है। मार्च २०२३ में वेस्टर्न लाइन पर एक लोकल ट्रेन में कुछ अन्य यात्रियों द्वारा भी इसी तरह की घटना दर्ज की गई थी, जो बाद में वायरल हो गई। ऐसे ही एक यात्री को मंगलवार २९ अगस्त को बोतल से पानी पीते देखा गया। वह व्यक्ति माहिम से १२.१६ बजे चर्चगेट-बोरीवली लोकल के फर्स्ट क्लास में चढ़ा। उसके पास एक प्लास्टिक की बोतल थी, जिसमें शराब और पानी जैसा कुछ दिख रहा था।

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