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‘राज’नीति : सुझाव लेगी सरकार

रमेश सर्राफ धमोरा झुंझुनू

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने २०३० तक के लिए राजस्थान को विकसित राज्यों में टॉप पर जगह बनाने का नारा देते हुए मिशन-२०३० की लॉन्चिंग की है। राज्य सरकार इस मिशन पर एक करोड़ लोगों से सुझाव लेगी। इन सुझावों के आधार पर ‘विजन-२०३० डॉक्यूमेंट’ तैयार कर उसे सार्वजनिक किया जाएगा। मिशन-२०३० में हर क्षेत्र के लिए सेक्टर वाइज टारगेट तय किए जाएंगे। पहले विजन डॉक्यूमेंट तैयार होगा। इसमें सभी एक्सपर्ट, स्टेक होल्डर्स, युवाओं और समाज के सभी वर्गों से सुझाव लिए जाएंगे। गहलोत का कहना है कि आज राजस्थान कई क्षेत्रों में नंबर वन बन गया है। राजस्थान की मेडिकल सुविधाएं देश में अव्वल हैं। मैंने अपना स्टंट एसएमएस अस्पताल में लगवाया था। लोग पहले जब गुजरात से राजस्थान आते थे तो गाड़ी में नींद खुल जाती थी तो समझो राजस्थान आ गया है। अब उल्टा हो गया है। अब राजस्थान से जाओ तो पता लग जाता है कि गुजरात आ गया। राजस्थान सड़कों में गुजरात से अच्छा हो गया है।

वसुंधरा को मिली जिम्मेदारी
राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा प्रदेश की चारों दिशाओं से चार परिवर्तन यात्रा निकालेगी। भाजपा की इस यात्रा का आगाज २ सितंबर से होगा और समापन २५ सितंबर को धानक्या में किया जाएगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभा को संबोधित करेंगे। भाजपा की पहली यात्रा का आगाज २ सितंबर को गृहमंत्री अमित शाह सवाई माधोपुर के त्रिनेत्र गणेश मंदिर से करेंगे। इस यात्रा का नेतृत्व राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे करेंगी। भाजपा की दूसरी यात्रा ३ सितंबर को डूंगरपुर के बेणेश्वर धाम से रवाना होगी। जिसकी शुरुआत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। यात्रा का नेतृत्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी करेंगे। भाजपा की तीसरी यात्रा का आगाज केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ४ सितंबर को जैसलमेर के रामदेवरा से करेंगे। इस यात्रा का नेतृत्व केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे। चौथी यात्रा हनुमानगढ़ के गोगामेड़ी से शुरू होगी, जिसे केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी हरी झंडी दिखाएंगे। इस यात्रा का नेतृत्व उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया करेंगे।

पायलट का प्रमोशन
राजस्थान में कांग्रेस के बड़े नेता सचिन पायलट का ३ साल बाद राजनीतिक पुनर्वास हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी नवगठित कांग्रेस वर्किंग कमेटी में उन्हें सदस्य बनाया है। पायलट केंद्र सरकार में मंत्री राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष व राजस्थान सरकार में उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विरोधी होने के चलते उन्हें प्रदेश अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री पद से बर्खास्त किया गया था। तब से ही वे पार्टी में साइड लाइन पर चल रहे थे। पिछले दिनों उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ खुलकर मोर्चा संभाला था, जिस कारण कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें दिल्ली बुलाकर मुख्यमंत्री गहलोत के साथ उनका समझौता करवाया था। उसके बाद से पायलट के बगावती तेवर ठंडे पड़े हुए थे। हालांकि, राजस्थान विधानसभा का अगला चुनाव मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में ही लड़ा जाना तय हो चुका है। मगर सचिन पायलट के कांग्रेस कार्यसमिति में सदस्य बनने से प्रदेश की राजनीति में उनका प्रभाव बढ़ेगा।

रघुवीर मीणा आउट
राजस्थान कांग्रेस के बड़े नेता वह कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य रहे रघुवीर मीणा को नवगठित कांग्रेस कार्यसमिति में जगह नहीं मिली है। पिछले दिनों जयपुर में कांग्रेस पार्टी की एक बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी रघुवीर मीणा को जमकर डांटा था। उस घटना की खबर लगातार अखबारों में छाई रही थी। कभी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खास रहे रघुवीर मीणा कई बार सांसद, विधायक व राजस्थान सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ही उन्हें राजस्थान युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बनवाया था। गहलोत के कारण ही वह कार्यसमिति सदस्य बने थे। पिछले कई चुनाव हार चुके मीणा को जीतने के लिए मुख्यमंत्री गहलोत ने उनके विधानसभा क्षेत्र सलूंबर को हाल ही में जिला घोषित किया है। मीणा का कांग्रेस कार्य समिति से आउट होना यह दर्शाता है कि उनका प्रभाव अब राजनीतिक रूप से कमजोर पड़ गया है। हालांकि, मीणा आज भी गहलोत खेमे में ही हैं।
(लेखक स्वतंत्र पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक हैं)

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