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‘राज’नीति : नया स्टेडियम बनेगा

रमेश सर्राफ धमोरा झुंझुनू

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में एक और स्टेडियम बनाने के लिए १० करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। यह नया स्टेडियम झोटवाड़ा के कंवर के बास में बनेगा। मुख्यमंत्री गहलोत ने इस साल के बजट में कंवर नगर में स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी। गहलोत ने प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी में २६ रुपए की बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रदेश में अब मिनिमम वेज २५९ रुपए प्रतिदिन से बढ़ाकर २८५ रुपए करने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद अब अनस्किल्ड लेबर को रोजाना २५९ रुपए की जगह २८५ रुपए रोजाना और ७,४१० रुपए हर महीने की मजदूरी तय की है। सेमी स्किल्ड लेबर का मिनिमम वेज २७१ रुपए से बढ़ाकर २९७ रुपए प्रतिदिन और प्रतिमाह ७,७२२ रुपए किया गया है। स्किल्ड लेबर को २८३ रुपए से बढ़ाकर ३०९ रुपए प्रतिदिन मिनिमम वेज होगा। हाई स्किल्ड लेबर के लिए३३३ रुपए के स्थान पर ३५९ रुपए प्रतिदिन का मिनिमम वेज तय किया गया है। मिनिमम वेज की बढ़ी दरें एक जनवरी २०२३ से लागू होंगी।
मेघवाल बनाम मेघवाल
भाजपा में मेघवाल बनाम मेघवाल की लड़ाई चल रही है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने अपनी ही पार्टी के केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को एक नंबर का भ्रष्टाचारी बताया है। वैâलाश मेघवाल ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखूंगा कि इसे मंत्रिमंडल से हटाओ। कैलाश मेघवाल ने कहा कि अर्जुन राम मेघवाल जब जिला कलेक्टर थे तभी उन्होंने लाखों रुपए का भ्रष्टाचार किया था। आज भी उनके खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं। कैलाश मेघवाल भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। केंद्र व राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं। अभी शाहपुरा से विधायक हैं। प्रदेश की राजनीति में वह वसुंधरा राज्ये के नजदीकी हैं। वैâलाश मेघवाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र शाहपुरा को जिला बनने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का खुलकर आभार प्रकट किया था। ९० वर्ष की उम्र होने के चलते इनका टिकट कटना तय माना जा रहा है। टिकट कटने की चर्चा से वह पार्टी लाइन से अलग हटकर बयान दे रहे हैं।
दम दिखाएगी बसपा
राजस्थान विधानसभा के चुनाव में बहुजन समाज पार्टी अपना दम दिखाने की तैयारी में जुटी हुई है। मायावती के भतीजे व बसपा के नेशनल कन्वेनर आकाश आनंद राजस्थान के लगातार दौरे कर बसपा समर्थकों में जोश भर रहे हैं। हाल ही में मायावती ने पांच राज्यों की विधानसभाओं व अगले लोकसभा चुनाव में अकेले ही चुनाव लड़ने की बात कह कर किसी भी गठबंधन में नहीं जाने का पैâसला कर लिया है। ऐसे में उनकी नजर विशेष रूप से राजस्थान पर रहेगी। १९९८ में दो सीट व २.२ फीसदी वोट लेकर बसपा ने पहली बार प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई थी। २००३ में ४ फीसदी वोटों के साथ दो सीट जीती थी। २००८ में ७.६ फीसदी वोटों के साथ ६ सीट व २०१३ में ३.४ फीसदी वोटों के साथ ३ सीट जीती थी। २०१८ में ४ फीसदी वोट लेकर ६ सीट जीती थी। मगर २००८ व २०१८ में बसपा से जीते सभी ६ विधायक दलबदल कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
चुनाव लड़ेंगे सोनी
राजस्थान पुलिस में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक के पद से रिटायर्ड हुए भगवान लाल सोनी अगला विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसी के चलते उन्होंने युवा जागृति मंच नामक एक संगठन बनाया है, जिसमें अन्य कई सेवानिवृत अधिकारी जुड़े हुए हैं। जोधपुर जिले के रहनेवाले सोनी कभी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नजदीकी अफसर में शुमार होते थे। सेवानिवृत्ति के पश्चात उनके किसी बड़े सरकारी पद पर जाने की चर्चा थी। मगर ऐसा नहीं हो पाया। अब सोनी खुलकर प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार की बातें कर रहे हैं। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक रहते हुए उन्होंने कई बड़े अधिकारियों को शिकंजे में लिया था। राजस्थान लोक सेवा आयोग व शिक्षक भर्ती घोटाले में हुई धांधली को लेकर इन दिनों मुखर नजर आ रहे सोनी युवा वर्ग से सीधे संवाद कर रहे हैं। सोनी राजस्थान पुलिस में बहुत से महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं, जिससे उनका लोगों से काफी संपर्क भी रहा है।
(लेखक स्वतंत्र पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक हैं)

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