मुख्यपृष्ठधर्म विशेषभाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है रक्षाबंधन

भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है रक्षाबंधन

भाई-बहन के प्यार का प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन श्रावण महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस पवित्र दिन बहन अपने भाई को राखी बांधती है और भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ मुहूर्त में राखी पहनना बेहद जरूरी है। पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि भद्रा के समय राखी नहीं बांधनी चाहिए। रक्षाबंधन पर आरती की थाली का भी बड़ा महत्व होता है। थाली में किन चीजों को शामिल करना चाहिए, यह जानना भी बेहद जरूरी है। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का सबसे बड़ा हिंदू पर्व रक्षाबंधन हर बहन का अपने भाई के प्रति स्नेह और भाई का बहनों की रक्षा के कर्तव्य का प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है। भाई-बहन का रिश्ता बहुत ही अनमोल और खूबसूरत होता है। बहन बड़ी हो या छोटी भाई को सलीके सिखाने से लेकर अभिभावकों के सामने उनकी गलतियां छिपाने तक का काम करती हैं। वहीं भाई भी अपनी बड़ी या छोटी बहन के लिए बहुत उदारशील होते हैं। हर भाई-बहन की खुशी, उनकी सुरक्षा को अपना कर्तव्य मानते हैं। ये भाइयों के प्यार जताने का तरीका होता है।

रक्षाबंधन की शुभकामनाएं
चंदन का टीका और रेशम का धागा,
सावन की सुगंध और बारिश की फुहार।
भाई की उम्मीद और बहन का प्यार
मुबारक हो रक्षाबंधन का त्यौहार।

कब है रक्षाबंधन?
इस बार रक्षाबंधन की तिथि और नक्षत्र को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है, क्योंकि सावन की पूर्णिमा दो दिन यानी ११ और १२ अगस्त को है। इस पर देशभर के ज्योतिषियों का कहना है कि भद्रा खत्म होने के बाद पूर्णिमा और श्रवण नक्षत्र का योग गुरुवार को ही बन रहा है। इसलिए ११ अगस्त की रात में ही राखी बांधना चाहिए। १२ अगस्त को पूर्णिमा तिथि ७.०६ बजे तक रहेगी। कहीं-कहीं पंचांग भेद के कारण ८ बजे तक पूर्णिमा मानी जाएगी, इस कारण शुक्रवार को पूर्णिमा अधिकतम २ घंटे ही रहेगी। यही कारण है कि इस बार रक्षा बंधन ११ अगस्त को मनाना ज्यादा बेहतर है। राखी बांधने के लिए ११ अगस्त को १ घंटे २० मिनट का ही मुहूर्त होगा, जो रात ८.२५ से ९.२५ बजे तक का रहेगा।

आरती की थाली जरूरी
रक्षाबंधन पर आरती की थाली का विशेष महत्व होता है। रक्षाबंधन पर थाली में चंदन जरूर रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंदन को बेहद पवित्र माना गया है। चंदन के साथ ही थाली में रोली, अक्षत, दही आदि भी रखें। रोली अक्षत के तिलक से नकारात्मक शक्तियों का अंत होता है। रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर थाली में दीपक जरूर जलाएं। इससे भाई-बहन का प्रेम पवित्र बना रहता है।

‘मिठास’ के साथ मनाएं रक्षाबंधन
भाई-बहन के साथ बड़े होने के बंधन की कोई मिसाल नहीं है। सही मायने में भाई-बहन के रिश्ते पर कभी कोई बराबरी नहीं की जा सकती है, क्योंकि यह रिश्ता एक-दूसरे से स्नेह और विश्वास की भावना पर आधारित होता है। रक्षा-बंधन का उत्सव मनाने के लिए भी पूरा परिवार एकजुट होता है। अलग तरह की मिठाइयों के साथ रक्षा-बंधन के उत्सव में नयापन लाने की कोशिश में मदर्स रेसिपी रक्षाबंधन के उत्सव को यादगार बनाने के लिए सेवइयां खीर के साथ उपस्थित है। सेवइयां खीर मिक्स के साथ मदर्स रेसिपी अमृत लेकर हाजिर है, जो सचमुच बेहद स्वादिष्ट है। बेहद नरम वाले इस मिष्ठान को अलग-अलग तरह के सूखे मेवों से सजाया जा सकता है। इसे तैयार करना बहुत आसान है। १ लीटर दूध उबालें और पैक की पूरी सामग्री उसमें डाल दें। अच्छी तरह मिलाएं और मध्यम आंच पर १५ मिनट तक पकाएं। यह स्वीट डिश कुछ ही मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है।

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