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राम को आदर्श बताते हो, पर सीता की सुरक्षा नहीं कर पाते! …जयंत पाटील ने कानून व्यवस्था पर उठाया सवालिया निशान

• देवेंद्र फडणवीस हैं जोड़-तोड़ में व्यस्त
• गृह विभाग देखने का नहीं है समय
सामना संवाददाता / मुंबई
महाविकास आघाड़ी के नेता जयंत पाटील ने कल विधानसभा में गृह मंत्रालय के कार्यभार पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘देवेंद्र फडणवीस पार्टियों के जोड़-तोड़ में व्यस्त हैं इसलिए उनके पास गृह विभाग को देखने का समय नहीं है।’ इतना ही नहीं, उन्होंने आगे कहा कि राम को आदर्श कहने वालों के राज्य में सीता माता यानी राज्य की महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
राज्य में आठ हजार से अधिक हुए दंगे
महाराष्ट्र में ८ हजार से ज्यादा दंगे हुए। बिहार में ४ हजार दंगे हुए। हमारे पास दंगे कराने का रिकॉर्ड है। अब रामनवमी दशहरे पर दंगे हो रहे हैं। मुझे नहीं पता कि कोल्हापुर में लोग कहां से आए थे, लेकिन दंगा हुआ था। जयंत पाटील ने कहा कि हम भी हिंदू हैं, लेकिन हम दूसरों का गौरव खराब नहीं करेंगे। केंद्र सरकार द्वारा जारी पुलिस स्टेशनों की लिस्ट में महाराष्ट्र का कोई पुलिस स्टेशन नहीं है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि गृह विभाग का कामकाज वैâसा चल रहा है। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए, लेकिन गृह मंत्रालय पर ध्यान देने का समय नहीं है, क्योंकि सिर्फ पार्टी तोड़ने का काम चल रहा है। मुझे लगता है कि अब उन्हें घोषणा करनी चाहिए कि सभी लोग एक पार्टी में हैं इसलिए शांति स्थापित होगी, ऐसा तंज भी जयंत पाटील ने फडणवीस पर कसा। कभी मुंबई पुलिस की तुलना स्कॉटलैंड की पुलिस से की जाती थी। अब वे दिन चले गए।
महाराष्ट्र में ५० लाख मामले पेंडिंग
देश में पांच करोड़ मामले अदालत में पेंडिंग हैं और दस लाख लोगों पर १२ न्यायाधीश हैं। महाराष्ट्र में ५० लाख मामले पेंडिंग हैं। मुझे याद है कि २०१४ में भी देवेंद्र फडणवीस के पास गृह विभाग था। उनका कहना था कि अपराधियों की सजा की दर अधिक है। अब केंद्र ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस सरकार में सजा की दर कम है। अपराधियों को पकड़ने में यह सरकार पिछड़ रही है। फडणवीस ने कहा था कि मैं फड़तूस नहीं हूं, कारतूस हूं, लेकिन गृहमंत्री के जिले नागपुर में चोरों और लुटेरों का हब बन गया है। नागपुर में हर दिन औसतन तीन घरों में चोरियां हो रही हैं। हमारा सुझाव है कि गृहमंत्री को महाराष्ट्र में अन्य स्थानों पर जाने की बजाय नागपुर में बैठना चाहिए और महाराष्ट्र की उपराजधानी में माहौल ठीक करना चाहिए।
दो वर्ष में दो हजार बलात्कार
राज्य में पिछले दो साल में रेप की २,००० से ज्यादा घटनाएं हुई हैं। बलात्कार के मामलों में महाराष्ट्र चौथे स्थान पर है। अगर इनका राज चलता रहा तो ये नंबर वन पर होगा। हत्या के मामले में महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है। महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है। हम एक प्रगतिशील राज्य हैं। इस राज्य में बेरोजगारी १० फीसदी से ऊपर है। यहां महिला सुरक्षा का मुद्दा भी गंभीर है। यह सरकार महिलाओं को सुरक्षित रखने में विफल हो रही है। अब लोग पूछने लगे हैं कि हमारे महाराष्ट्र को कहां ले जाया जा रहा है? उन्होंने आगे कहा कि ड्रग्स के मुद्दे पर महाराष्ट्र को उड़ता पंजाब बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। ललित पाटील जैसे ड्रग माफियाओं को राजनीतिक आश्रय दिया जाता है। सरकार अपराधियों को बचाने का काम कर रही है।

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