मुख्यपृष्ठसमाचार२०२४ राम मंदिर का मुहूर्त सियासी या सनातनी?

२०२४ राम मंदिर का मुहूर्त सियासी या सनातनी?

मनमीत गुप्ता / अयोध्या। देश-विदेश के रामभक्त अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के गर्भ गृह में रामलला के दर्शन के लिए उत्सुक हैं। रामलला के भक्त शुभ घड़ी का इंतजार कर रहे हैं कि जब भगवान राम का मंदिर अपनी भव्यता के साथ बनकर तैयार हो और गर्भ गृह में भगवान राम विराजमान होंगे। राम भक्तों के लिए यह खबर अत्यंत ही सुखद अनुभूति देने वाली है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट २०२४ के जनवरी माह में शुभ मुहूर्त में रामलला के मंदिर के गर्भ गृह में रामलला के विराजमान करने की तैयारी कर रहा है। अब यहां सवाल ये उठ रहा है कि जो मंदिर, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय के अनुसार २०२३ दिसंबर माह में तैयार होने वाला था, वो २०२४ जनवरी में तैयार होगा। कहा जा रहा है कि दिसंबर माह में शुभ मुहूर्त न होने के कारण रामलला अपने गर्भ ग्रह में तो नहीं विराज पाएंगे लेकिन रामलला का मंदिर बनकर जरूर तैयार हो जाएगा। इस मुहूर्त के बदलने की वजह से चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं कि आखिरकार २०२४ जनवरी राम मंदिर का मुहूर्त सियासी या सनातनी है? गौरतलब है कि २०२४ में लोकसभा चुनाव भी होने वाले हैं। हो सकता है चुनाव में मंदिर को मुद्दा बनाकर वोट मांगा जाए।
दो दिवसीय बैठक
अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दो दिवसीय बैठक हुई। बैठक का कल दूसरा दिन रहा। बैठक में चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्र व राम मंदिर निर्माण से जुड़ी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी, लार्सन एंड टुब्रो के इंजीनियर शामिल रहे। इस दौरान राम मंदिर निर्माण के आगामी ३ माह के प्लान पर चर्चा एवं अब तक हो चुके कार्य की समीक्षा की गई।
एक हजार वर्ष तक सुरक्षित रहेगा मंदिर
अयोध्या राम जन्म भूमि राम मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर ट्रस्ट और निर्माण समिति के सामने इंजीनियरों ने आगामी तीन माह के कार्यों की रूपरेखा का प्रजेंटेशन दिया। राम मंदिर निर्माण कार्य ५ एकड़ भूमि में किया जा रहा है, जिसमें राम मंदिर की सुरक्षा के लिए रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही भगवान राम के मंदिर के गर्भ गृह सहित पूरे मंदिर क्षेत्र में राम चबूतरा (प्लिंथ) का निर्माण किया जा रहा है। लक्ष्य यह है कि अगस्त माह तक राम चबूतरे का निर्माण पूरा हो जाए। बता दें कि भगवान राम का मंदिर १,००० वर्षों तक वैâसे सुरक्षित हो? इसलिए पुरातन पद्धति पर निर्माण कार्य हो रहा है। पहले ५० फीट गहरी ४०र्० े ३०० वर्ग फिट की नींव में राफ्ट निर्माण कार्य किया गया। ४८ लेयर के राफ्ट के ऊपर राम मंदिर के चबूतरे का निर्माण किया जा रहा है। राम मंदिर का चबूतरा सतह से लगभग १६ फीट ऊपर होगा, जो कर्नाटका के ग्रेनाइट पत्थर से बनाया जा रहा है। राम मंदिर के चबूतरे में ग्रेनाइट पत्थर के र्५ेर्३े२.५ वर्गफुट के १७,००० ब्लॉक प्रयोग में लाए जा रहे हैं। ७ लेयर में इंटरलॉकिंग के माध्यम से इन ग्रेनाइट पत्थर से राम चबूतरे का निर्माण हो रहा है। साथ ही वास्तु के अनुसार राम मंदिर के चारों ओर रिटेनिंग वॉल के निर्माण कार्य में भी तेजी लाई गई है। बरसात से पहले रिटेनिंग वॉल की नींव के गड्ढे को भरने का काम पूरा किया जाना है।

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