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रामनवमी दंगा मामला : हाईकोर्ट ने डीसीपी को दिया आदेश, मालवणी पुलिस स्टेशन सीसीटीवी फुटेज, सुरक्षित रखने पर दाखिल करो हलफनामा


सामना संवाददाता / मुंबई
मालाड-पश्चिम स्थित मालवणी क्षेत्र में ३० मार्च को रामनवमी पर्व के मौके पर हुए दंगा मामले में मुंबई हाईकोर्ट ने जोन-११ के डीसीपी अजय बंसल को मालवणी पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के लिए दो सप्ताह के भीतर एक हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया।
न्यायमूर्ति ए. एस. गडकरी और न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की खंडपीठ ने सामाजिक कार्यकर्ता जमील मर्चेंट द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान निर्देश दिया, जिसमें मालवणी पुलिस स्टेशन को पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज साझा करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। जमील मर्चेंट की ओर से कोर्ट में पेश हुए वकील बुरहान बुखारी ने मालवणी पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का आग्रह किया है। मर्चेंट ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके खिलाफ साजिश रची और एफआईआर में उनका नाम शामिल किया। बुरहान बुखारी ने अदालत को यह भी बताया कि ९ अगस्त को अदालत ने मुंबई पुलिस को मालवणी पुलिस स्टेशन के ३० और ३१ मार्च के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का आदेश दिया था। इसलिए पुलिस को अपना पक्ष दाखिल करने के लिए कहा जाए, जिस पर अदालत ने डीसीपी को दो सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
गौरतलब हो कि हिंसा ३० मार्च को तब भड़की जब रामनवमी का जुलूस मालवणी नंबर-५ इलाके से गुजर रहा था, जहां दो समुदाय के बीच हिंसा भड़क उठी थी। बाद में पुलिस ने इस मामले में करीब ४०० लोगों को आरोपी बनाया और २५ लोगों को गिरफ्तार किया था।

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