रामानुजन

जब बात हो गणित की, अंक-चिह्न से प्रीत की,
रामानुजन परम ज्योति, गणित रूपी दीप की।
प्रतिभा अनंत भरी, अनंत पर ही शोध की,
मॉक थीटा फंक्शन है,निशान उनके जीत की
गणित साधना देखकर हार्डी भी हैरान थे,
रामानुजन को इंग्लैंड बुलाने को वो दिल से परेशान थे।
गणित की सेवा को रामानुजन भी चल पड़े,
गणित शोध कार्य हेतु इंग्लैंड को निकल पड़े।
विदेश में भी जारी रखा तप साधना गणित की,
अलौकिकता को देखकर दुनिया भी चकित थी।
रामानुजन प्रकाश हैं, भारतीय ज्ञान दीप की,
कोटि कोटि नमन है, उस गणित रूपी व्यक्तित्व की।

-हर्षित पाण्डेय, पडरौना (उ.प्र.)

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