मुख्यपृष्ठनए समाचारराममय हुई काशी! ...धूमधाम के साथ मनाया गया दशरथ नंदन का जन्मोत्सव

राममय हुई काशी! …धूमधाम के साथ मनाया गया दशरथ नंदन का जन्मोत्सव

• मुस्लिम महिलाओं ने भगवान श्री राम की आरती उतारकर दिया विश्वशांति का संदेश

उमेश गुप्ता / वाराणसी। रामनवमी पर भगवान शिव की नगरी काशी पूरी तरह से राममय हो गई। चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर रविवार को शिव की नगरी काशी में आदि देव भोलेनाथ के पूज्य प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ तो भक्तों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। महिलाओं ने सोहर, बधाई गीत गाकर दशरथ नंदन का जन्मोत्सव मनाया। इस दौरान मुस्लिम महिलाओं ने भी प्रभु श्री राम की आरती कर राष्ट्र की उन्नति व आपसी भाईचारे के लिए प्रार्थना की, तो वहीं राम रमापति बैंक में राम नाम का ऋण प्राप्त करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।

रामनवमी पर मुस्लिम महिला फाउंडेशन व विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में मुस्लिम महिलाएं दोपहर में लमही स्थित सुभाष भवन में जुटीं। प्रभु के जन्मोत्सव की बेला दोपहर में प्रभु श्रीराम व मां जानकी की महिमा बखानते हुए उनके स्वर गूंज उठे। काशी धर्म परिषद के अध्यक्ष पातालपुरी मठ के महंत बालक दास महाराज के सानिध्य में मुस्लिम महिलाओं ने आरती व स्तुति की। इस दौरान मुस्लिम महिला फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजनीन अंसारी लिखित ऊर्दू आरती का गायन किया गया। नाजनीन ने प्रभु की महिमा बखानते ऊर्दू में लिखे गए भजन सुनाए और विश्व शांति की कामना की। पर्व विशेष पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान का दरबार सजाया गया था। फूलों से उर्दू में श्रीराम लिखा और फूलों के ही दीप भी सजाए गए थे।
इस अवसर पर नाजनीन ने कहा कि भारत भूमि का जो हिस्सा प्रभु श्रीराम से अलग हुआ, आज वह नफरत, हिंसा और गरीबी की दुर्दशा झेल रहा है। पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान सभी हिंसा की आग में जल रहे हैं क्योंकि ये सब अपने पूर्वजों से अलग हो गए। आज की तारीख में ये देश भगवान श्रीराम की स्तुति करें और भगवान श्रीराम के रास्ते पर चलें तो फिर से शांति और समृद्धि पा सकते हैं। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध तभी रुकेगा, जब वहां के लोग सार्वजनिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों को पत्र लिखकर मैं यह सलाह जरूर दूंगी।
श्रीराम महाआरती में राजीव श्रीवास्तव, नगीना बेगम, खुशी रमन भारतवंशी, उजाला भारतवंशी, इली भारतवंशी, डॉ. मृदुला जायसवाल, नाजमा, रुखसाना बीबी, रुखसार बेगम, जफरीन, गुंजा बेगम, मेहफात्मा, नजिया बेगम, नगीना, तबस्सुम, शमीमा, तहमीना, सोनी बेगम, सबीना बेगम आदि शामिल थीं।

विश्वनाथ गली के त्रिपुरा भैरवी स्थित राम रमापति बैंक में रामनवमी पर पारंपरिक अनुष्ठान कर भगवान को मिश्री और मक्खन का भोग लगाया गया। भक्तों ने लंबी कतार में लगकर रामनाम का ऋण लिया और पिछले ९६ वर्षों से चली आ रही परंपरा का निर्वाह किया।
९६ साल से संचालित होने वाले राम रमापति बैंक में मन के भावों को राम नाम की भक्ति में डुबोकर कागज पर लिखा जाता है और उसे बैंक में जमा कर दिया जाता है।

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