मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनापाठकों की पाती: प्रॉपर्टी टैक्स का बढ़ेगा बोझ 

पाठकों की पाती: प्रॉपर्टी टैक्स का बढ़ेगा बोझ 

मुंबईकरों पर प्रॉपर्टी टैक्स का बोझ बढ़नेवाला है। `दोपहर का सामना’ में छपी खबर के अनुसार, लगभग १५ फीसदी का बोझ लोगों पर पड़ने वाला है। आम आदमी महंगाई से पहले ही त्रस्त हो चुका है। वहीं अब मनपा ने प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। ऐसे में मुंबईकरों पर संपत्ति कर वृद्धि का संकट गहराने लगा है। इससे तो आम लोगों की कमर टूट जाएगी। जहां एक ओर सरकार को चाहिए कि वह ऐसे टैक्स से लोगों को निजात दे, वहीं दूसरी ओर कम करने की बजाय टैक्स बढ़ाकर यह सरकार लोगों की कमर तोड़ने का काम कर रही है। मेरे अनुसार भले मनपा पर बोझ पड़ रहा हो, लेकिन कहीं न कहीं आम आदमी के बारे में भी सरकार को सोचना चाहिए। खबर के अनुसार, पिछले ३ सालों में यह बढ़ोतरी नहीं हुई है, जो प्रति ५ वर्षों में होती है। लेकिन इसे तो रोका भी जा सकता था या प्रतिशत में कटौती की जा सकती थी। आज १५ फीसदी की वृद्धि होनेवाली है, जिससे घटाकर ५फीसदी भी किया जा सकता था। मेरा सरकार से निवेदन है कि एक बार इस पर विचार करें और उसके बाद ही कोई फैसला ले, ताकि गरीबों की कमर ना टूटे।

– समीर श्रीवास्तव, भांडुप

`इंडिया’ से नफरत पड़ेगी भारी
केंद्र की मोदी सरकार ने देश का नाम बदलकर भारत रखने का फैसला किया है। विपक्षी गठबंधन की `इंडिया’ रूपी आंधी से घबराकर मोदी सरकार देश से इंडिया नाम को लुप्त करना चाहती है। इसके लिए संसद का विशेष सत्र भी बुलाने जा रही है, ऐसी खबर `दोपहर का सामना’ में प्रकाशित हुई थी। इस खबर से मैं सहमत हूं। क्योंकि जिस गति से `इंडिया’ गठबंधन तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसे देखते हुए भाजपा की मोदी सरकार के मन में खलबली शुरू हो गई थी। इस गठबंधन को फ्लॉप करने के लिए कभी सरकार `२०० सिलिंडर के दाम कम करने का एलान कर रही है तो कभी सरकार ने अचानक से संसद सत्र बुला लिया। अब पता चला है कि मोदी सरकार की इंडिया का नाम बदलकर भारत करने की मंशा है। इंडिया का नाम यदि भारत हो जाता है तो लोगों की जुबान से इंडिया शब्द हट जाएगा, ऐसी सोच मोदी सरकार की होगी। ऐसा मुझे लगता है और यही कारण होगा कि नाम बदलने की कोशिश की जा रही है।

-विवेक तिवारी, सांताक्रुज  

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