मुख्यपृष्ठसमाचारमुंबई में नहीं मिल रही किराए की कोख! बच्चों की चाहत रखनेवाले...

मुंबई में नहीं मिल रही किराए की कोख! बच्चों की चाहत रखनेवाले हो रहे निराश

  • कोख की तलाश में संभाजीनगर जा रहे दंपति

सामना संवाददाता / मुंबई
बीते आठ महीने से किराए की कोख का व्यवसाय बंद होने का दावा किया जा रहा है, जिसके चलते मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों से किराए की कोख नहीं मिल रही है। ऐसे में बच्चों की चाहत रखने वाले कई दंपति राज्य के संभाजीनगर में पहुंच रहे हैं। उल्लेखनीय है कि नए सरोगेसी एक्ट के मुताबिक दिसंबर २०२१ से सरोगेसी मदर्स पर रोक लग गई है। दूसरी तरफ सरोगेसी सेंटर्स के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है, जिस पर मनपा के स्वास्थ्य विभाग की निगरानी रहेगी। इसके चलते सरोगेसी मदर मुहैया कराने वालों में खलबली मच गई है।
नहीं बना है राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर बोर्ड
एड. सिद्ध विद्या ने बताया कि सरोगेसी को लेकर इसी साल जनवरी में बिल मंजूर हुआ है। बिल के अनुसार अब केवल करीबी रिश्तेदार ही सरोगेट मदर हो सकेंगी। हालांकि आने वाले दिनों में अनाथों के लिए समस्याएं हो सकती हैं। यह बोर्ड के सामने चैलेंज पैदा कर सकता है। क्योंकि अनाथ दंपति रिश्तेदार कहा से लाएंगे? फिलहाल अभी तक राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर बोर्ड नहीं बना है। ऐसे में बच्चों की चाहत रखनेवाले दंपति को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बांझपन विशेषज्ञ चिकित्सकों के मुताबिक किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया की तरह अब पूरी प्रक्रिया स्थानीय प्रशासन की निगरानी में होगी, वहीं जनवरी से देशभर में सरोगेसी मदर्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिस कारण दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों से दंपति संभाजीनगर, एमपी, राजस्थान में जाते हैं।

 

अन्य समाचार