मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनाड्रेनेज की समस्या से जूझ रहे हैं वालकेश्वर बाणगंगा के रहिवासी

ड्रेनेज की समस्या से जूझ रहे हैं वालकेश्वर बाणगंगा के रहिवासी

मुंबई दक्षिण के मलबार हिल में वालकेश्वर बाणगंगा गगनचुंबी इमारत के लिए मशहूर है। यहीं मुंबई के मेहनतकश गरीब समाज के लोग झोपड़पट्टियों में रहते हैं, जो यहां जन समस्याओं से जूझते हुए अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जी रहे हैं। वालकेश्वर बाणगंगा में ही एक प्रसिद्ध धोबीघाट ‘रामनाथ धोबीघाट कंपाउंड’ भी है। जहां काफी दिनों से शौचालय और ड्रेनेज की समस्या ने पांव पसार रखे हैं। गत कई दिनों से ड्रेनेज की समस्या से यहां रहनेवाले लोगों का जीना दूभर हो गया है। महानगरपालिका के कर्मचारी कई बार आते हैं, लेकिन ठीक तरीके से सफाई नहीं करते हैं और जब उनसे इस बारे में कोई कुछ बोलता है तो महानगरपालिका के कर्मचारी उन्हें गलत तरीके से जवाब देते हैं।

सेहत पर पड़ सकता है प्रभाव

इस वाकये से गुजरते हुए ‘दोपहर का सामना’ के सिटीजन रिपोर्टर राजेश बी. गुप्ता ने यहां के लोगों की जन समस्या से अवगत कराया है। उनका कहना है कि यहां की समस्या काफी गंभीर है, जिसका बुरा प्रभाव वहां रहने वाले लोगों के सेहत पर पड़ सकता है। गुप्ता ने कहा कि यहां के लोग जिन जनसमस्याओं से जूझ रहे हैं उन्हें कागजों में बयां कर पाना मुश्किल है। यहां के स्थानीय निवासी दीपक परदेशी ने कई बार जनसमस्याओं से लोक सेवक और प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

नहीं हो रही है कोई सुनवाई 

यहां के स्थानीय कार्यकर्ता राजेश ने स्थानीय विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा (कौशल विकास मंत्री) को गत १९, २०, २३, दिसंबर को ईमेल के माध्यम से शिकायत पत्र भेजा और उसी पत्र को २३, दिसंबर को एमसीजीएम आयुक्त को भेजकर समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक इसका कोई निदान नहीं हो सका है। मालूम हो कि देश में कोरोना का नया वैरिएंट पैâल रहा है। ऐसे में आम जनता की सेहत का क्या होगा? यह सीधे तौर पर आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

जनता उतर सकती है सड़क पर 

वे आगे कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को कोरोना, सर्दी-खांसी, मलेरिया, उल्टी-जुलाब हो जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। राजेश ने प्रशासन और यहां के लोक सेवक को चेताते हुए कहा कि लापरवाही काफी हो चुकी है। आम जनता कभी भी हल्ला बोल सकती है इसलिए इस समस्या को समय रहते दूर किया जाए।

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