मुख्यपृष्ठअपराधमां के थप्पड़ का बदला, बेटी को मारकर लिया!

मां के थप्पड़ का बदला, बेटी को मारकर लिया!

  • पाप का प्रायश्चित करने गया था वैष्णव देवी
  • मोबाइल कर दिया था बंद
  • एक ऐप से हुए गिरफ्तार
    गोपाल गुप्ता / मुंबई

मुंबई में रहनेवाली एक महिला को बेटी की सुरक्षा के लिए एक को मारना महंगा पड़ गया। आरोपी ने इसका बदला लेने के लिए बेटी का अपहरण करके उसकी जान ले ली। इससे पहले आरोपी ने नाबालिग तड़की से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद दोस्त की मदद से आप को एक बैग में भरकर नायगांव के जंगल में फेंककर फरार हो गया। आरोपी अपने इस पाप का प्रायश्चित करने के लिए माता के दरबार मानी देवी मंदिर पहुंच गया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपना मोबाइल बंद कर दिया था, मगर मोबाइल में एक्टिव एक ऐप की मदद से हालात पहुंच गया।

सोशल मीडिया पर युवती की हुई दोस्ती
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक २६ अगस्त को नायगांव के जंगल में १६ वर्षीय किशोरी का शव एक बैग से बरामद किया गया था। बैग से बरामद आईकार्ड से पता चला कि मृत किशोरी अंधेरी की रहनेवाली थी। किशोरी के परिजनों ने अंधेरी पुलिस स्टेशन में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि किशोरी की सोशल मीडिया के माध्यम से खार में रहने वाले एक युवक से दोस्ती हुई थी। दोनों गहरे दोस्त बन गए और जुहू स्थित दूसरे दोस्त के घर मिलने लग गए। हालांकि इसकी जानकारी किशोरी की मां को लग गई। जिसके बाद मां ने दोनों को डांट फटकार लगाकर छोड़ दिया। लेकिन युवक किशोरी से प्रेम करता था और इसी दौरान उसे पता चला कि किशोरी एक अन्य लड़के से भी बात करती है। इसके बाद युवक उससे मिलने स्कूल पहुंच गया। वहां किशोरी की मां ने उसे देख लिया और थप्पड़ मारकर उसकी बेइज्जती कर दी।
हत्या के लिए चुराया गहना
पुलिस के मुताबिक थप्पड़ के बाद युवक ने किशोरी की हत्या का प्लान बनाया। उसने जुहू में रहनेवाले दोस्त को इस हत्या में शामिल कर लिया। हत्या के बाद दूसरी जगह गुजर बसर करने के लिए आरोपी ने घर से सोने के आभूषण चुरा लिए। इन आभूषणों को एक ज्वेलर्स की दुकान पर एक लाख ८० हजार रुपए में गिरवी रख दिया। इस पैसे से आरोपी ने बाजार से एक चाकू और बुर्का खरीदकर दोस्त के घर रख दिया। प्लान के मुताबिक किशोरी को शहर से दूर ले जाकर हत्या करनी थी। मगर किशोरी ने जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने हत्या को अंजाम देने के लिए किशोरी को दोस्त के घर बुलाकर दुष्कर्म करने के बाद चाकू से १७ वार कर उसकी हत्या कर दी।
वालिव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कैलाश बर्वे के मुताबिक आरोपी शव को भायंदर की खाड़ी में फेंकना चाहते थे परंतु मछुआरे के कारण वे डर गए, जिसके बाद नायगांव स्टेशन से करीब २०० मीटर दूर जंगल में शव को फेंककर फरार हो गए।

आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए विरार गए। इसके बाद एक शॉप से कपड़े खरीदकर स्कायवॉक पर कपड़े बदलकर वसई से दिल्ली फिर कटरा से वैष्णो देवी गए। माता के दर्शन के बाद मूल गांव जयपुर गए और मोबाइल फोन को बंद करके जमीन में गाड़ दिया। हालांकि मोबाइल में एक ऐप एक्टिव था, जिसकी मदद से पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को १४ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक इस हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए वसई-विरार क्राइम ब्रांच सहित मुंबई क्राइम ब्रांच आठ और १० भी जांच में जुटी थी लेकिन कामयाबी वालिव पुलिस की डिटेक्शन टीम को

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