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अभी महंगाई खूब रुलाएगी : पेट्रोल-गैस की कीमतें सरकार बढ़ाएगी, राहत के नाम पर पब्लिक के हिस्से आएंगे भ्रम और बहकावे!

सामना संवाददाता / मुंबई
देश में बेरोजगारी और महंगाई का हाहाकार मचा है। कोविड काल बीतने के बाद कुछ अच्छे दिन आने की उम्मीद लगा रहे लोग र्इंधन एवं दूसरी वस्तुओं की कीमतों के बारी-बारी बढ़ने से बेहाल हो रहे हैं। कभी पेट्रोल-डीजल, तो कभी सीएनजी-पीएनजी, रसोई गैस के दाम बढ़ते हैं। जीएसटी की नई दरें रेपो में अनवरत वृद्धि और रुपए के पतन से रही सही कसर पूरी हो जा रही है। रुपए का गिरना दोहरे घाटे को प्रभावित कर रहा है। रुपए में गिरावट सरकारी वित्त व्यवस्था को झटका देने के साथ-साथ चालू खाता घाटे को बढ़ा रहा है।
इसी बीच खबर आई है कि हिंदुस्थान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक बार फिर आग लग सकती है। लेकिन सरकार देश की जनता को भ्रमित करने के अलावा कुछ और नहीं कर रही है। देश हाल ही में ब्रिटेन को पछाड़ कर दुनिया की पांचवीं आर्थिक महासत्ता बना है। लेकिन इसका आम हिंदुस्थानी को कितना लाभ मिला है, ये अपने आप में बड़ा सवाल है।
आशंका जताई जा रही है कि हिंदुस्थान में पेट्रोल-डीजल और महंगा हो सकता है। तेल निर्यातक देशों का संगठन (ओपेक +) अपने हर दिन के क्रूड ऑयल के प्रोडक्शन में १० लाख बैरल की कटौती करने पर विचार कर रहा है। आर्गनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज यानी ओपेक + देशों की बैठक अगले हफ्ते ऑस्ट्रिया के विएना शहर में होगी। जिसके बाद इस पर निर्णय हो सकता है।
याद आ रही हैं सुषमा स्वराज
इस बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए का लगातार गिरना जारी है। पस्त हो चुका रुपया रोज अपने ही गिरने का रिकॉर्ड तोड़ रहा है। ८० के स्तर को पार कर चुका रुपया कल कारोबार के अंत में ८२.३२ रुपए प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। ऐसे में भाजपा की दिवंगत नेता सुषमा स्वराज का एक पुराना भाषण लोगों को याद आने लगा है। लोकसभा में बहस के दौरान सुषमा कहती थीं, ‘रुपया केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं होता। रुपया केवल एक करेंसी नहीं होती, इस करेंसी के साथ देश की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई होती है और जैसे-जैसे करेंसी गिरती है, देश की प्रतिष्ठा गिरती है।’ तब रुपए की गिरावट ६८.८९ तक पहुंचने पर उन्होंने कहा था कि टीवी चलाने से डर लग रहा था क्योंकि हर आधे घंटे बाद १० पैसे गिर जाते थे, ५० पैसे गिर जाते थे, ६० पैसे गिर जाते थे।’ लेकिन आज रुपए के ८२ के स्तर को पार करने के बाद भी केंद्र सरकार चुप्पी साधे बैठी है।

डराने लगा है गिरता रुपया
रुपए में पिछले कुछ दिनों से लगातार कमजोरी आ रही है। कल रुपए ने फिर से ८२ रुपए का स्तर पार करते हुए अपना नया सर्वकालिक निचले स्तर का रिकॉर्ड बना डाला। डॉलर के मुकाबले रुपए में आज ३२ पैसे की कमजोरी आई है। विदेशी मुद्रा बाजार में यह बीते दिनों के मुकाबले ३२ पैसे कमजोर होकर ८१.२० रुपए के स्तर पर खुला। गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले ३६ पैसे की कमजोरी के साथ ८१.८८ रुपए के स्तर पर बंद हुआ था। रुपए ने पहली बार २३ सितंबर २०२२ को डॉलर के मुकाबले ८१ रुपए का लेवल छुआ था। जबकि इससे पहले २० जुलाई को यह ८० रुपए का लेवल पार कर गया था। बीते दिन बृहस्पतिवार को डॉलर के मुकाबले रुपया ३६ पैसे की कमजोरी के साथ ८१.८८ रुपए के स्तर पर बंद हुआ था। इससे पहले सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले ५३ पैसे टूटा था और ८१.८७ रुपए के स्तर पर बंद हुआ। जबकि पिछले शुक्रवार (३० सितंबर) को रुपया ५२ पैसे की दमदार मजबूती के साथ ८१.३४ रुपए के स्तर पर बंद हुआ।

 

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