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गर्मी में बढ़ा ब्रेन स्ट्रोक का खतरा …शरीर का तापमान बढ़ने से बन सकते हैं ब्लड क्लॉट्स

सामना संवाददाता / मुंबई
तापमान ज्यादा बढ़ने की वजह से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। ब्रेन स्ट्रोक में दिमाग के सेल्स तक ऑक्सीजन ठीक से नहीं पहुंच पाता है। इस वजह से जान जाने का खतरा भी रहता है। चिकित्सकों के मुताबिक, शरीर का तापमान बढ़ने से ब्लड क्लॉट बनने की संभावना अधिक होती है, जो ब्रेन स्ट्रोक का कारण बन जाता है। इसके साथ ही कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर भी इसके जोखिम को बढ़ा सकता है। हाल ही में न्यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुए अध्ययन में यह पता चला है। अध्ययन के मुताबिक, साल १९९० के बाद से तापमान ज्यादा या कम होने की वजह से स्ट्रोक के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे जलवायु परिवर्तन का बड़ा हाथ है इसलिए बढ़ती गर्मी को देखते हुए यह अध्ययन काफी महत्वपूर्ण हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि गर्मी की वजह से शरीर भीतरी तापमान को नियंत्रित करने के लिए पसीना छोड़ता है। हालांकि, तापमान बहुत अधिक होने पर शरीर के लिए खुद को ठंडा रखना काफी मुश्किल हो जाता है। इसकी वजह से ब्लड थिक होने लगता है, जिसे हाइपरकोएगुएबल स्टेट कहा जाता है। इस अवस्था में ब्लड क्लॉट बनने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में स्ट्रोक का जोखिम बढ़ता है इसलिए खुद को ठंडा रखना और गर्मी से बचाना बेहद महत्वपूर्ण होता है। स्ट्रोक के खतरे को कम करने के बारे में बात करते हुए डॉ. श्रीजीत शिंदे ने बताया कि बढ़ते तापमान में खुद को हाइड्रेटेड रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है इसलिए भरपूर मात्रा में पानी, जूस, नारियल पानी, खीरा, ककड़ी, तरबूज आदि को अपनी डाइट का अहम हिस्सा बनाएं। इन फूड्स में पानी भरपूर मात्रा में होता है, जिससे बॉडी के इलेक्ट्रोलाइट्स भी बैलेंस होते हैं और शरीर में पानी की कमी नहीं होती है, साथ ही अपनी डाइट का खास ख्याल रखना भी बेहद जरूरी है। अपनी डाइट में तला-भुना खाना कम से कम शामिल करें। प्रोसेस्ड और जंक फूड खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और साथ ही पाचन से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं इसलिए अपनी डाइट में फाइबर, सीजनल सब्जियां और फल, दही आदि को शामिल करें।
धूप से बचना जरूरी
इसके अलावा खुद को धूप से बचाने की कोशिश करें, ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रहे। हल्के रंग के और ढीले कपड़े पहनने की कोशिश करें। हल्के रंग गर्मी कम अब्जॉर्ब करते हैं और ढीले कपड़े पहनने से पसीना सुखाने में काफी मदद मिलती है। साथ ही बाहर निकलते वक्त टोपी, स्कार्फ आदि का इस्तेमाल करें, इससे धूप से बचाव में मदद मिल सकती है।
अन्य हेल्थ फैक्टर को
नियंत्रित करना जरूरी है
तापमान को कम करने के अलावा खुद की सेहत से जुड़े अन्य पैâक्टर का भी ख्याल रखना भी बेहद जरूरी है। हाई ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, जैसे पैâक्टर्स भी स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकते हैं इसलिए इन रिस्क पैâक्टर्स को भी नियंत्रित करना काफी जरूरी है। डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मरीजों में स्ट्रोक का खतरा बाकी लोगों की तुलना में काफी अधिक रहता है इसलिए बढ़ती गर्मी के साथ इन पैâक्टर्स का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी होता है।

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