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षष्ठीपूर्ति महोत्सव आयोजित… ऋतंभरा ने समाज के उत्थान के लिए काम किया : राजनाथ

– वात्सल्य ग्राम में झलकता है भारत का परिदृश्य : मुख्यमंत्री

– वात्सल्य ग्राम में संविदम गुरुकुलम बालिका सैनिक विद्यालय का हुआ उद्घाटन

डॉ. कमलकांत उपमन्यु / मथुरा

वृंदावन स्थित वात्सल्य ग्राम में सोमवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वात्सल्य ग्राम में आयोजित षष्ठीपूर्ति महोत्सव में भाग लिया। स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ कमिश्नर आगरा मंडल ऋतु माहेश्वरी, जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह आदि उच्चाधिकारियों द्वारा स्वागत एवं आगवानी की गई।

साध्वी ऋतंभरा के महोत्सव में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी रेड कार्पेट पर चलकर वात्सल्य ग्राम पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान समविद गुरुकुलम बालिका सैनिक विद्यालय का उद्घाटन किया। महोत्सव को संबोधित करते हुए केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अयोध्या के भव्य राममंदिर निर्माण में साध्वी ऋतंभरा के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। राम मंदिर निर्माण आंदोलन को उन्होंने धार देने का काम किया है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास कोई समय नहीं है। यहां तक कि अपने लिए भी नहीं, परंतु ऋतंभरा ने समाज के उत्थान के लिए काम किया, समाज को अपना परिवार माना है, वह राष्ट्र के प्रति निष्ठा दर्शाता है। आज उत्तर प्रदेश की जनता के मन में सुरक्षा समृद्धि गौरव का भाव पैदा हुआ है, क्योंकि शासन का मुखिया एक संत-योगी है। भारत एक अद्भुत देश है। ऋतंभरा का आदेश था वृंदावन में बालिकाओं का सैनिक स्कूल होना चाहिए, उसका उद्घाटन आज हो गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरूआत राधे-राधे, बांकेबिहारी लाल की जय, भारत माता की जय के साथ करते हुए कहा कि अब संघर्ष से नहीं संवाद से समस्या का समाधान होगा। वात्सल्य ग्राम में भारत का परिदृश्य झलकता है। अयोध्या का नाम लेने में जो लोग संकोच करते थे वह आज निमंत्रण पत्र की बाट जोह रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की आवाम लंबे समय तक गुलामी खण्ड में कुप्रथा के साथ जी है, वात्सल्य ग्राम में आज से एक नए कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है। यहां बालिकाओं का सैनिक स्कूल खोले जाने से भारत की मिशन शक्ति का यह अद्भुत उदाहरण है। नारी शक्ति की सुरक्षा, सम्मान स्वाबलम्बन के लिए सबको एकजुट होकर कार्य करने होंगे। प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत का संकल्प पूरा करने के लिए प्रत्येक भारतवासी को पंच प्रण लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हजारों वर्ष पूर्व पुष्पक विमान से प्रभु श्रीराम अयाध्या आये थे, आज वहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हो चुका है तथा पूरा इफ्रास्ट्रक्चर बदल गया है। छह-छह लेन की सड़क बन गयी है। 22 जनवरी के पश्चात आप जब अयोध्या जाएंगे, तब आपको त्रेता युग की याद आयेगी। अयोध्या सड़क, वायु रेल मार्ग से जुडने के बाद जल्द ही जल मार्ग से जुडने जा रहा है।

140 करोड़ भारतीय आज इतनी ताकत रखते हैं कि वह पूरी दुनिया को अपनी शक्ति दिखा सकें। महोत्सव में साध्वी ऋतंभरा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि माता-पिता ने उनका नाम निशा रखा था, पर सद्गुरू परमानंद जी ने उनको दीक्षा प्रदान कर नाम ऋतंभरा कर दिया। संत परमानंद महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी उ.प्र. में अन्याय नहीं कर रहे वह अन्यायियों को निपटा रहे हैं। देश का अभिशाप है छुआ-छूत, ऊंच-नीच। समाज में समरसता की आवश्यक है। उससे हमारा देश पुन: सोने की चिड़िया बन जाएगा।
महोत्सव को जगद गुरू राम भद्राचार्य, विजय कौशल महाराज, संत गुरु शरणानंद, गीता मनीषी श्रद्धानंद, गुरू मां आनंद मूर्ति, केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति आदि ने संबोधित किया। संचालन योग गुरु बाबा रामदेव कर रहे थे। साधु-संतों के अलावा मंच पर केबिनेट मंत्री चौ. लक्ष्मी नारायण, संघ प्रचारक दिनेश, सेठ नारायणदास, विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार, पूर्व मंत्री रविकांत गर्ग आदि मौजूद थे।

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