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‘रोहिंग्या’ हैं बांग्लादेश पर बोझ! बड़ा मुल्क होने के कारण भारत ढोने में सक्षम

  • बांग्लादेश लगाना चाहता है हिंदुस्थान को चूना!

एजेंसी / ढाका

आक्रामकता के लिए कुख्यात जिन रोहिंग्या मुसलमानों को केंद्र की मोदी सरकार के एक मंत्री ने पिछले दिनों देश की राजधानी दिल्ली में मुफ्त मकान आदि देने की ‘इच्छा’ जताई थी, उन्हीं रोहिंग्या मुसलमानों से बांग्लादेश मुक्ति पाने का प्रयास कर रहा है। बांग्लादेश ने रोहिंग्या प्रवासियों को देश पर एक ‘बड़ा बोझ’ बताया है। बांग्लादेश चाहता है कि रोहिंग्या मुसलमानों की उनके मूल देश म्यांमार में वापसी सुनिश्चित हो। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री इसमें विश्व समुदाय सहित हिंदुस्थान से भी मदद की गुहार लगाई है। पीएम शेख हसीना ने हिंदुस्थान को बड़ा मुल्क बताया है और रोहिंग्या का बोझ ढोने में सक्षम बताते हुए मदद के बहाने अपना बोझ साझा करने की उम्मीद भी जताई है।
हिंदुस्थान पहले ही बांग्लादेशी नागरिकों की अवैध घुसपैठ से परेशान है। झारखंड सहित कई राज्यों में बांग्लादेशियों के कारण डेमोग्राफी बदल गई है। उस समस्या को हल करने के बजाय बांग्लादेशी पीएम उनके देश में घुस आए रोहिंग्या शरणार्थियों का कुछ बोझ भी हिंदुस्थान पर डालने की कोशिश कर रही हैं। रोहिंग्या समस्या का सामना कर रही बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि रोहिंग्या प्रवासियों की वतन वापसी सुनिश्चित हो, इसके लिए हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लगातार बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हिंदुस्थान इस मुद्दे को हल करने में एक प्रमुख भूमिका निभा सकता है। पीएम शेख हसीना ने स्वीकार किया कि बांग्लादेश में लाखों रोहिंग्याओं की मौजूदगी ने उनके शासन के लिए चुनौतियां खड़ी कर दी थीं। उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में ११ लाख रोहिंग्या हैं। रोहिंग्या प्रवासियों की मौजूदगी हमारे लिए एक बड़ा बोझ है।’ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि हिंदुस्थान एक बड़ा देश है इसलिए वहां उन्हें समायोजित किया जा सकता है। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अपने पड़ोसी देशों के साथ भी विचार-विमर्श कर रहे हैं, उन्हें भी कुछ कदम उठाने चाहिए ताकि वे घर वापस कर सकें । बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए विस्थापित समुदाय की देखभाल करने की कोशिश की है। मानवीय आधार पर हम उन्हें आश्रय देते हैं और सब कुछ प्रदान करते हैं लेकिन इस कोरोना महामारी के दौरान, हमने सभी रोहिंग्या समुदाय का टीकाकरण किया।
‘रोहिंग्या को जल्द स्वदेश लौटना चाहिए’
पीएम शेख हसीना ने कहा कि रोहिंग्या प्रवासी कब तक यहां रहेंगे? वे शिविरों में रह रहे हैं। कुछ लोग नशीले पदार्थों की तस्करी या कुछ हथियारों के टकराव, महिला तस्करी में लिप्त हैं और ये घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। इसलिए जितनी जल्दी वे स्वदेश लौटते हैं यह हमारे देश के लिए और म्यांमार के लिए भी अच्छा है। पीएम शेख हसीना ने कहा कि इसलिए हम उन्हें स्वदेश भेजने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम उनके लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय, जैसे आसियान या यूएनओ और अन्य देशों के साथ चर्चा कर रहे हैं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके देश ने रोहिंग्याओं को शरण देने की पेशकश की थी जब वे कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे थे। लेकिन अब उन्हें अपने देश वापस जाना चाहिए। मुझे लगता है कि भारत एक पड़ोसी देश के रूप में इसमें एक बड़ी भूमिका निभा सकता है।

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