मुख्यपृष्ठस्तंभरौबीलो राजस्थान : सांसदां‌‌ रै निलम्बन रो विश्व रिकॉर्ड

रौबीलो राजस्थान : सांसदां‌‌ रै निलम्बन रो विश्व रिकॉर्ड

बुलाकी शर्मा
राजस्थान

`अहा, आखै मुलक में आपांरै देस रो डंको बाज रैयो है भाईसा। दुनिया रै घणाई देसां में लोकतांत्रिक व्यवस्था है पण जिको चमत्कार आपांरी संसद करियो है नीं, बीं ढाळै रो चमत्कार करण री किणी दूजै देस री औकात ई कोनी है। विश्व गुरु रा ठरका न्यारा ई हुया करै।’
आपरै मूंछ बिहूणै चैरै रै ऊपरलै होंठ नै भगतजी तर्जनी अर अंगूठै सूं इयां पलार रैया हा जाणै मूंछ्‌यां रै बट दे रैया हुवै।
म्हैं बोल्यो, `चमत्कार नीं आ तो लोकतंत्र सारू शर्म री बात है भगतां वैâ अ‍ैवैâ साथै १४६ विपक्षी सांसदां नै निलम्बित कर न्हाख्या।’
बे हंस्या, `हुयग्या ओ शर्म री बात। विपक्षी सांसदां नै सरकार सूं सवाल करण में घणो स्वाद आया करै है नीं, अबकी बांनै निलम्बन रो स्वादिस्ट दाळियो चखाय दियो है। अबै बारै बैठा मिमिक्री करता रैवो वैâ रोळा- रप्पा करता रैवो वा।’
`संसद री सुरक्षा में चूक रो मु‌द्दो ई तो विपक्षी सांसद राख रैया हा भगतां। सरकार नै जवाब देवणो चाइजतो। संसद तो सत्ता पक्ष अर विपक्ष दोनां री हुया करै। विपक्ष रो काम ई सरकार सूं सवाल करण रो हुया करै।’
भगतजी नाराज हुयग्या, `सरकार नै जनता जनार्दन चुणी है। बा आपरै हिसाब सूं सरकार चलासी। विपक्ष रै वैâयां कोनी चलावै, समझ्या।’
`विपक्षी सांसदां नै ई जनता जनार्दन चुण्या है। बे आपरी जनता री बात संसद में नीं राखै जणै कठै राखै, बतावो।’
भगतजी आकरा हुयग्या, `बां नै चुण’र जनता तो गलती कर दीनी पण बे संसद में अनुशासन तोड़न री गलती करसी जणै सस्पेंशन री सजा भुगतणी ई पड़सी।’
म्हारी बुद्धि नै जाणै आज बकरड़ी चरगी ही। भगतजी जिसा सूं सवाल करणो गुनाह हुया करै। फेर ई गुनाह करतो कैयो, `सवाल करणो तो अनुशासन भंग कोनी हुया करै। बियां तो जवाब नीं देवणो ई अनुशासन भंग मान्यो जा सकै। अर जिका छोरा संसद में घुस्या बां नै संसद देखण री इजाजत तो सत्ता पक्ष रै सांसद रै दियोड़ी ही। बीं नै तो अनुशासन भंग रै नांव माथै निलम्बत कोनी करियो गयो।’
भगतजी अबै आपै सूं बारै आयग्या। नास्यां फुलांवता दड़ूक्या, `मिरच्यां लाग रैयी है थांरै वैâ इत्ता विपक्षी सांसदां नै अ‍ेवैâ साथै निलम्बित कर’र सरकार वर्ल्ड रिकार्ड किया बणाय लियो। नेहरू, इंदिरा री थे आरती उतारता रैवो पण बां री औकात ई इत्ता सांसदां नै निलम्बित करण री कोनी हुई जणै थां रै मिरच्यां लागणी ई है।’
मिरच्यां लाग्योड़ा-सा भगतजी फूं-फां करता गया परा।

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