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मुंबई की एसी लोकल में  आरपीएफ का ‘दे धक्का’! …डिब्बे में यात्रियों की रेलमपेल

• अधिकांश बिना टिकट कर रहे हैं सफर
सुजीत गुप्ता / मुंबई
मुंबई के उपनगरीय रेल मार्ग पर एसी लोकल सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। रेल यात्रियों ने इसका स्वागत भी किया है, परंतु एसी लोकल का किराया आम जनता की पहुंच से दूर है। सुबह और शाम के समय भीड़ के दौरान एसी लोकल का परिचालन किया जाना रेल यात्रियों के लिए मुसीबत है। फिर क्या साधारण लोकल के यात्री भी मौका देखकर चौका मारने से नहीं चूक रहे हैं। कई यात्री बिना टिकट एसी लोकल में सफर कर रहे हैं, जिसकी वजह से डिब्बे में रेलमपेल की स्थिति बन रही है। ऐसे में आरपीएफ यात्रियों को कोच के भीतर ठेलने के लिए ‘दे धक्का’ वाली नीति अपना रही है।
बता दें कि मुंबई के उपनगरीय एसी लोकल ट्रेन का एक वीडियो वायरल हुआ है। ये वीडियो हाल फिलहाल का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एसी लोकल स्टेशन पर पहुंचती है और यात्रियों की भीड़ स्टेशन पर इतनी है कि जिस यात्री को जैसे भी चांस मिल रहा है वो एसी लोकल में मौका पाकर चढ़ रहा है। ऐसे में एसी लोकल में स्थिति ये हो गई है कि दरवाजे के पास अधिक यात्री होने के कारण एसी लोकल का दरवाजा ही बंद नहीं हो रहा था। जब स्थिति काबू से बाहर हो गई तब स्टेशन पर कार्यरत आरपीएफ जवानों ने मोर्चा संभाला और विदेशों में जिस तरह से यात्रियों को अंदर ठेलने के लिए पुशर रखे जाते हैं, ठीक उसी तरह इंडियन स्टाइल में ‘दे धक्कावाली’ तरकीब उन्हें अपनानी पड़ी। काफी मशक्कत कर कुछ यात्रियों को एसी लोकल से उतारने के बाद आरपीएफ को ट्रेन को गंतव्य स्थान की ओर रवाना करने में उन्हें कामयाबी मिली। वायरल हो रहा वीडियो पश्चिम रेलवे का बताया जा रहा है।

हम रेलवे को कह रहे हैं कि एसी लोकल का किराया कम करो, ताकि सामान्य यात्री भी एसी लोकल से सफर करें। अब जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें आप देख सकते हैं कि ५० फीसदी से अधिक यात्री एसी लोकल में बिना टिकट या पास के सफर कर रहे हैं। ऐसे में जिस यात्री ने एसी लोकल का टिकट लिया हुआ है उसे भी परेशानी हो रही है। जब तक पर्याप्त एसी लोकल नहीं आ जाती तब तक तो रेलवे को भीड़ के वक्त एसी लोकल का परिचालन नहीं करना चाहिए।
-राजीव सिंघल
पूर्व सदस्य जेडआरयूसीसी

रेलवे को यात्रियों की परेशानी समझनी होगी, वरना ऐसा ही होगा। एसी लोकल में ज्यादा यात्री हो जाने से दरवाजा बंद नहीं होगा और फिर समय पर ट्रेन नहीं निकलेगी तो पीछे से आ रही ट्रेनों के परिचालन में बाधा उत्पन्न होगी। रेलवे को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
-चंद्रकांत बामने, रेल यात्री दहिसर

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