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महागठबंधन में पर्दे के पीछे ‘हंगामा’ शुरू

-दादा-शिंदे गुट में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान!

सामना संवाददाता / मुंबई

आगामी लोकसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में महाराष्ट्र की राजनीति में पर्दे के पीछे ‘हंगामा’ शुरू हो गया है। खास बात यह है कि सत्ताधारी दल भी चुनाव जीतने की तैयारी में जुट गए हैं। इसी बीच सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर सामने आई है। सीटों के बंटवारे को लेकर शिंदे गुट और अजीत पवार गुट के बीच खींचतान शुरू हो गई है।
महाराष्ट्र में पिछले चार-पांच सालों में कई राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिले हैं। २०१९ विधानसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र को एक अनोखी गठबंधन सरकार देखने को मिल रही है। उसके ढाई साल बाद जो हुआ, उससे पूरा महाराष्ट्र सन्न रह गया। तब से शुरू हुआ राजनीतिक घटनाक्रम थमने का नाम नहीं ले रहा है।
सत्ता हस्तांतरण के एक साल बाद महाराष्ट्र की जनता को एक और नया राजनीतिक भूचाल देखने को मिला। इससे पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार थी, जिसमें अजीत पवार गुट हिस्सेदार बन गया। इसके बाद राजनीति में एक नया अध्याय शुरू शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर सत्ताधारी शिंदे गुट और अजीत पवार गुट के बीच खींचतान शुरू हो गई है। दिलचस्प बात यह है कि कुछ ही महीनों में लोकसभा चुनाव और फिर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। सूत्रों ने जानकारी दी है कि लोकसभा में सीटों के बंटवारे को लेकर अजीत पवार गुट का रुख यह है कि जितनी सीटें शिंदे गुट को दी जाएं, उतनी ही हमें भी दी जाएं। अजीत पवार गुट के मंत्री छगन भुजबल साफ कह चुके हैं कि शिंदे गुट के समान हमें भी विधानसभा में सीटें मिलनी चाहिए।
भुजबल ने आखिर क्या कहा?
छगन भुजबल ने कहा, ‘अजीत पवार हमारी पार्टी के प्रमुख हैं। इसलिए उन्होंने सीट बंटवारे को लेकर अपनी राय जाहिर की है। शिंदे गुट से भी लगभग उतने ही विधायक आए हैं, जितने अजीत पवार गुट से आए हैं।
अमित शाह के समक्ष होगी बैठक
फिलहाल अजीत पवार गुट के पास ४ सांसद हैं, जबकि शिंदे गुट के पास १३ सांसद हैं। सूत्रों के मुताबिक सीट बंटवारे को लेकर अगले साल जनवरी महीने में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में एकनाथ शिंदे और अजीत पवार के बीच बैठक होगी। सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि अजीत पवार गुट लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा चुनाव में भी सीटों के बराबर बंटवारे पर जोर दे रहा है।

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