" /> राजस्थान में खलबली, ऊंट की बलि!

राजस्थान में खलबली, ऊंट की बलि!

गाय का दूध बढ़ाने के लिए टोना-टोटका का सहारा
तलवार से गर्दन काटकर गड्ढा खोदकर खेत में दफनाया
अंधविश्वास में लोग इस तरह पागल हो गए हैं कि ढोगियों के कहने पर इतना घिनौना काम कर देते है कि जो स्वप्न में भी नहीं सोचा जा सकता है। कुछ इसी तरह का वाकया राजस्थान के उदयपुर में दूध का व्यवसाय करने वाले एक व्यापारी ने ऊंट की बली दे दी। शहर के थाना सूरजपोल इलाके में पुलिस क्वार्टरों के पीछे ऊंट की गर्दन काटकर बलि देने का खुलासा कर मामले में पुलिस ने एक दूध व्यवसाई राजेश उर्फ राजू पुत्र लालू राम निवासी बलीचा, गोवर्धन विलास, उसके एक साथी देवडा निवासी सवीना खेडा, भोपा शोभा लाल पुत्र मेंदु लाल व भोपा के चेतन को गिरफ्तार कर लिया है। उदयपुर एसपी डॉ. राजीव पचार ने बताया कि थाना सूरजपोल के टेकरी इलाके में पुलिस क्वार्टरों के पीछे एक खाली प्लॉट में वहां से गुजर रहे पानी सप्लाई करनेवाले सूरजपोल निवासी करण को एक मृत ऊंट पड़ा दिखाई दिया, जिसका केवल धड़ पड़ा था, गर्दन नहीं थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी गोपाल स्वरूप मेवाडा एवं सीओ राजीव जोशी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। गठित टीम ने तकनीकी संसाधनों एवं मुखबिर की सूचना पर संदिग्ध चारों आरोपितों को डिटेन कर पूछताछ की तो उन्होंन ऊंट की हत्या की घटना करना स्वीकार कर लिया। जिस पर अभियुक्तों को गिरफ्ताकर निशानदेही से ऊंट की गर्दन को दूध व्यवसाई राजेश के घर के बाहर जमीन के अंदर से बरामद कर लिया गया है। राजेश उर्फ राजू के पास बलीचा में दूध डेयरी का व्यवसाय करता है, जिसके पास स्वयं की करीब ३०-३५ गाय है। कुछ समय से राजेश की गाय दूध कम दे रही थी, जिस वजह से वह परेशान रहने लगा। राजेश ने जादू टोने का काम करने वाले भोपा शोभा लाल माली से संपर्क किया तो उसने ऊंट की बलि देने पर सभी परेशानियां दूर करने की बात कही और पुलिस लाइन के आस पास लावारिश ऊंट होने की बात बताई। इसी क्रम में राजेश ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए अपने साथी रघुनाथ एवं भोपा शोभा लाल एवं चंद्रपकाश को साथ लेकर टेकरी के आस पास ऊंट की तलाश की। ऊंट को करीब दो दिन तक घटना स्थल के आसपास घुमाया और उसे चारा आदि खिलाया परंतु मौका नहांr मिलने से बलि नहांr दे पाए। मौका पाकर पुलिस क्वाटर्स टेकरी के पीछे सुनसान क्षेत्र में खाली भूखंडों में ले जाकर धारदार तलवार एवं कुल्हाडी से ऊंट की गर्दन को काट कर गर्दन को कट्टे में भरकर भोपा के खेत में ले जाकर रख दिया और टोना टोटका किया।