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अफवाहों ने बिठा दिया था घर

कभी-कभी
यू. एस. मिश्रा

किसी ने सच कहा है कि अगर किसी असत्य बात को यदि रोज-रोज दोहराया जाए तो असत्य भी एक दिन लोगों को सत्य लगने लगता है। बीते जमाने की मशहूर हीरोइन अरुणा ईरानी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था जब उनका नाम अपने जमाने के मशहूर एक्टर, कॉमेडियन, सिंगर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर महमूद के साथ जोड़ा जाने लगा। लोगों द्वारा फैलाई गई इस अफवाह का ऐसा असर हुआ कि दो हिट फिल्मों में महमूद के साथ काम करने के बावजूद अरुणा ईरानी को फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया और उन्हें पूरे ढाई साल घर बैठकर उस अफवाह का खामियाजा भुगतना पड़ा।

वो मेरे गुरु थे- फिल्म ‘गंगा जमुना’ से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने करियर की शुरुआत करनेवाली अरुणा ईरानी उन दिनों स्कूल में पढ़ा करती थीं जब १९६१ में महमूद की फिल्म ‘छोटे नवाब थिएटरों में रिलीज हुई थी। महमूद की बहुत बड़ी फैन अरुणा ईरानी एक दिन अपने स्वूâल से छूटकर घर की ओर जा रही थीं। तभी अचानक उन्होंने देखा कि ‘सुपर सिनेमा’ के गेट पर महमूद खड़े हैं। महमूद वहां थिएटर में लगी अपनी फिल्म ‘छोटे नवाब’ का रिस्पॉन्स देखने आए थे। अचानक महमूद को ‘सुपर सिनेमा’ के गेट पर देखकर उनकी हार्डकोर पैâन अरुणा ईरानी से रहा नहीं गया और वो मारे खुशी के महमूद की ओर देखकर जोर से चिल्ला उठीं, ‘महमूदऽऽऽ…’। महमूद नाम की जोरदार आवाज सुनकर जैसे ही महमूद आवाज की ओर पलटे अरुणा ईरानी वहां से ऐसे एक्सप्रेशन देते हुए चली गयी मानो उन्होंने नहीं, बल्कि किसी और ने महमूद को आवाज दी हो। खैर, बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्मों में कदम रखनेवाली अरुणा ईरानी ने आगे चलकर महमूद के साथ काम किया और उनकी जोड़ी महमूद के साथ हिट थी। बकौल अरुणा ईरानी, ‘वो मेरे गुरु थे उन्होंने मुझे सिखाया कि कॉमेडी वैâसे होती है।’ लेकिन कभी-कभी दो आर्टिस्टों की बेहतरीन अंडरस्टैंडिंग लोगों के बीच तमाम अफवाहों को जन्म दे देती है।

कोई काम नहीं था- इंडस्ट्री में लोगों ने बिना कुछ सोचे और बिना कुछ समझे ये अफवाह उड़ानी शुरू कर दी कि दोनों के बीच दोस्ती से भी ज्यादा बहुत कुछ है और दोनों ने शादी कर ली है, जबकि महमूद पहले से शादीशुदा थे और उनकी दो शादियां हो चुकी थीं। हां, अरुणा ईरानी और महमूद के लिए ये कहा जा सकता है कि दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे या यूं कहें कि दोस्त से भी बढ़कर थे और उन्होंने कभी शादी नहीं की। लेकिन इन अफवाहों ने महमूद के जीवन में तूफान खड़ा कर दिया। पारिवारिक क्लेश इतना बढ़ गया कि महमूद को कहना पड़ गया कि ‘नो फिल्म्स विद अरुणा ईरानी’।

इसके बाद तो अरुणा ईरानी न घर की रहीं न घाट की। ‘बॉम्बे टू गोवा’ और ‘कारवां’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम करने के बावजूद इन अफवाहों ने अरुणा ईरानी के अच्छे-भले करियर को तबाह कर दिया। वो ढाई साल तक घर में बैठी रहीं। उनके पास अब कोई काम नहीं था। क्योंकि लोग यही सोचते कि महमूद से शादी करने के बाद वो फिल्मों में काम नहीं करेंगी। और अरुणा ईरानी ने ये सोचकर कोई खंडन नहीं किया कि लोगों ने बिना कुछ सोचे-समझे मेरे बारे में ये अफवाहें पैâला दी लेकिन एक बार मुझसे भी पूछ लिया होता। खैर, फिल्म ‘बॉबी’ के निर्माण के दौरान एक दिन राज कपूर ने अपने दोस्त महमूद को फोन पर पूछा, ‘सुना है, तूने अरुणा से शादी कर ली है।’ राज कपूर की बात सुनकर महमूद बोले, ‘नहीं तो। राज भाई ये इंडस्ट्री है। आप तो जानते हैं हर किस्म की बातें उठती हैं यहां।’

अब महमूद की बात सुनकर राज कपूर ने उनसे पूछा, ‘क्या अरुणा मेरी फिल्म ‘बॉबी’ में काम करेगी?’ इस पर महमूद ने कहा, ‘मैं अरुणा को बोल देता हूं कि वो जाकर आपसे मिल ले।’ इसके बाद महमूद ने अरुणा ईरानी को राज कपूर से मिलने के लिए कहा और अरुणा ईरानी की झोली में ढाई साल के अंतराल के बाद फिल्म ‘बॉबी’ आ गिरी और इस फिल्म के हिट होते ही उनका करियर पटरी पर लौट आया। अगर राज कपूर की दोस्ती महमूद से नहीं होती और राज कपूर उन्हें शादी के बारे में नहीं पूछते तो शायद राज कपूर भी इसी मुगालते में रहते की महमूद ने अरुणा ईरानी से शादी कर ली है और इन अफवाहों के चलते अरुणा ईरानी का करियर वक्त से पहले ही कब का खत्म हो जाता।

 

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