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रूस-यूक्रेन के बीच जंग का २९वां दिन: रूसी सेना में नहीं रहा कोई रहम, मां की गोद में मासूम ने तोड़ा दम!

एजेंसी / कीव।`दुनिया की सबसे भारी चीज सबसे छोटे ताबूत होते हैं’ ये कहावत रूस-यूक्रेन जंग में सच होती दिख रही है। `मां’ मैं मरने के लिए बहुत छोटा हूं कहने वाला मासूम रूसी सेना की सात गोलियां खाकर मां की गोद में पड़ा था। उस मां की हालत के बारे में सिर्फ अंदाजा ही लगाया जा सकता है, जिसका ६ साल का बेटा मरने से ठीक पहले कहता है कि `मैं मरना नहीं चाहता’ और अगले पल ही वह लाश में तब्दील हो गया।
मां ने कहा था कि तुम्हें कुछ नहीं होगा
ये दर्दनाक कहानी यूक्रेन की राजधानी कीव में रहने वाली एना और उसके बेटे की है। रूस हमले में जब कीव को निशाना बनाया जा रहा था। तब एना ने अपनी १३ साल की बेटी अलीना और ६ साल के बेटे मैक्सिम के साथ शहर छोड़ने का पैसला किया। एना के दोनों बच्चे काफी डरे थे। जब वो घर छोड़ने की तैयारी कर रहे थे, ६ साल के मैक्सिम ने अपनी मां को बताया कि उसे डर लग रहा है। उसने एना से कहा था मां, मैं मरना नहीं चाहता। मैं बहुत छोटा हूं। बेटे के मुंह से ऐसी बात सुनकर किसी भी मां का कलेजा भर आएगा। रूसी सेना ने मासूम को सात गोली मारी थीं।
`जंग का मतलब क्या होता है’?
मैक्सिम की मां ने कहा कि जंग के बीचे मेरे चचेरे भाई एलेक्जेंडर ने हमें इरपिन में रहने के लिए बुलाया लेकिन वहां गोलीबारी तेज हो गई थी। मैक्सिम और अलीना बहुत डर गए थे। फिर हम दोनों परिवारों ने एक साथ शहर छोड़ने का पैâसला किया। हम सब कार से जा रहे थे। सारे बच्चे कार की पिछली सीट पर थे और मैक्सिम मेरी गोद में था। जैसे ही कार आगे बढ़ी गोलीबारी शुरू हो गई। फायरिंग में एलेक्जेंडर की मौत हो गई थी। उसकी पत्नी नताल्या को कम से कम १० गोलियां लगीं।
बच्चों को किडनैप कर रूस भेजा
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन पर डोनबास के डोनेट्स्क और लुहान्स्क से लगभग २,५०० यूक्रेनी बच्चों को किडनैप करके रूस भेजने का आरोप लगाया गया है। वहीं दूसरी तरफ यूक्रेनी मिलिट्री का दावा है कि रूस की आर्मी के पास सिर्फ तीन दिन की सप्लाई बची है।
बच्चों पर ज्यादा मुश्किल
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अब तक १५ लाख यूक्रेनी बच्चे बेघर हुए हैं। हर सेकेंड में १ बच्चा रिफ्यूजी बनने को मजबूर है। यूक्रेन के प्रवक्ता जेम्स एल्डर का कहना है कि इन बच्चों की खरीद-फरोख्त हो सकती है। इससे पहले यूक्रेन ने बताया था कि रूस के हमले में अब तक ११२ बच्चों की मौत हो चुकी है।

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