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रूस ने बनाया सबसे घातक समुद्री हथियार! …परमाणु ऊर्जा से होता है संचालित

फटते ही समुद्र में उठेगी १,६०० फीट ऊंची सुनामी
एजेंसी / मास्को
महाशक्तियों के मध्य चल रही व्यावसायिक एवं सामरिक होड पूरी दुनिया को विनाश के कगार पर पहुंचा रही है। क्योंकि एक तरफ रूस, चीन और अमेरिका एक-दूसरे के खिलाफ साजिश रचने में लगे रहते हैं तो वहीं दूसरी तरफ विषम परिस्थितियों में आत्मरक्षा के बहाने दूसरों को डराने के लिए विध्वंसक शस्त्रों का निर्माण किया जा रहा है। इसी दृष्टिकोण से रूस ने एक ऐसा घातक समुद्री शस्त्र बनाया है, जो एक बार चलाने के बाद पूरी दुनिया का विनाश तय ही माना जा रहा है। क्योंकि परमाणु र्इंधन से चलनेवाला ये शस्त्र अनंत काल तक चलता रहेगा और जब कभी भी इसमें विस्फोट होगा समुद्र में १,६०० फुट ऊंची सुनामी आएगी।
बता दें कि रूस ने कई वर्षों एवं असीमित रेंज तक लगातार चलने में सक्षम टॉरपीडो का निर्माण किया है, जो परमाणु ऊर्जा से चलता है। परमाणु शस्त्रों से लैस टॉरपीडो दुश्मन के ठिकाने पर हमले के साथ ही यह १,६४० फीट ऊंची सुनामी पैदा कर सकता है। इस टॉरपीडो को नाम दिया गया है द पोसाइडन। इंटरकॉन्टिनेंटल न्यूक्लियर पावर्ड न्यूक्लियर-आर्म्ड ऑटोनॉमस पोसाइडन एक बार टारगेट सेट करके दागने के बाद खुद-ब-खुद अनंत समय तक टारगेट का पीछा करता रहेगा और जब भी यह टारगेट को हिट करेगा यानी फटेगा समुद्र के जरिए तबाही मचा देगा। रूस ने शुरुआत में इस टॉरपीडो के प्रोजेक्ट का कोड स्टेटस-६ रखा था। इसे ओशिएनिक मल्टीपर्पज सिस्टम नाम दिया गया था। इस टॉरपीडो का वजन १०० मीट्रिक टन है। यह करीब ६५.६ फीट लंबा है। इसका व्यास २ मीटर है।

रडार के लिए इसे पकड़ना मुश्किल
माना जा रहा है कि यह जब विस्फोट करेगा तो इसमें मौजूद परमाणु हथियार से १०० मीट्रिक टन की ताकत का विस्फोट होगा। जो कि तबाही मचाने के लिए काफी है। अधिकतम ३,२८० फीट की गहराई में जा सकता है। इसकी अधिकतम गति १८५ किलोमीटर प्रतिघंटा है। इसका गाइडेंस सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैटेलाइट कंट्रोल से चलता है। इसे दागने के लिए पनडुब्बी की जरूरत होती है। फिलहाल, इसकी रेंज १० हजार किलोमीटर बताई जा रही है लेकिन परमाणु ऊर्जा की वजह से ये लंबे समय तक समुद्र में चल सकता है। इस सबमरीन में साइलेंट रनिंग मोड भी है। यानी दुश्मन के रडार पर इसे पकड़ना मुश्किल है। माना जा रहा है कि रूस इसे ऑस्कर क्लास और खबारोवस्क पनडुब्बियों में तैनात करेगा।

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