मुख्यपृष्ठविश्वयूक्रेन के बहाने रूस की इमेज पर अटैक! रूस की आक्रामकता के...

यूक्रेन के बहाने रूस की इमेज पर अटैक! रूस की आक्रामकता के खिलाफ अमेरिका और जर्मनी

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज ने एक कॉल के दौरान रूस की आक्रामकता के खिलाफ यूक्रेन का समर्थन करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि की। व्हाइट हाउस ने एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, मानवाधिकारों और निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को बनाए रखने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की। नेताओं ने रूस की आक्रामकता के खिलाफ खुद को बचाने के लिए यूक्रेन को आर्थिक, मानवीय और सुरक्षा सहायता प्रदान करने में अमेरिका और जर्मनी की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया। दोनों नेता रूस के हालिया परमाणु खतरों को ‘गैर-जिम्मेदार’ बताने पर सहमत हुए। विज्ञप्ति में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने स्कोल्ज की पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की हालिया यात्रा पर भी चर्चा की।
‘ग्रुप ऑफ सेवन’ के नेता बने जर्मन चांसलर
इससे पहले जर्मन चांसलर लगभग तीन वर्षों में चीन का दौरा करनेवाले पहले ग्रुप ऑफ सेवन के नेता बने। यह यात्रा दुनियाभर में अर्धचालकों की कमी की पृष्ठभूमि में हुई, जब अमेरिका ने चीन को उन्नत कंप्यूटर चिप्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया, जिससे चीन की तकनीक और सैन्य महत्वाकांक्षाओं को रोकने के प्रयास तेज हो गए। स्कोल्ज ने शीर्ष अधिकारियों की एक टीम के साथ चीन का दौरा किया, जिसका अर्थ है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ व्यापार जारी रहना चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइन और जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ ने यूक्रेन का समर्थन करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था, मानवाधिकारों और निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को बनाए रखने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की। नेताओं ने रूस की आक्रामकता के खिलाफ खुद को बचाने के लिए यूक्रेन को आर्थिक, मानवीय और सुरक्षा सहायता प्रदान करने में अमेरिका और जर्मनी दोनों की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

अन्य समाचार