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 सामना शोध : दूर होगी दवाओं की कमी … अस्पतालों में चिकित्सा उपकरण खरीदी का शुल्क होगा कम

मनपा ने अपने अस्पतालों के लिए दवाओं और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की खरीद के लिए निविदा शुल्क कम करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय स्वास्थ्य देखभाल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के संबंध में लिया गया है। इस विषय पर पिछले दिनों सवाल उठाए गए थे, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य मामलों से जुड़े मनपा के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. सुधाकर शिंदे ने सप्ताहांत में दवा विक्रेताओं और केंद्रीय क्रय विभाग (सीपीडी) के साथ बातचीत कर इस पर निर्णय लिया है।
निविदा शुल्क वह राशि है जो विक्रेताओं द्वारा मनपा को दवाओं और उपकरणों की आपूर्ति के लिए बोली प्रक्रिया में भाग लेने के लिए भुगतान करना होता है। अब तक यह शुल्क कुल लागत का ७-८ प्रतिशत रहा है। अब इसे कम किया गया है। हालांकि, इसकी अब तक किसी प्रकार से कोई अधिकृत घोषणा नहीं की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, टेंडरिंग शुल्क की वजह से कई विक्रेताओं को टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने में काफी समस्या हो रही थी। अब उक्त शुल्क में कमी होने से उन्हें बोली में भाग लेने की गुंजाइश होगी। अधिकारियों ने कहा कि इस संबंध में अगले कुछ दिनों में एक परिपत्र जारी किया जाएगा। इसके साथ ही मनपा अपनी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सामग्री खरीद नीति में संशोधन कर रही है। मनपा अस्पतालों में दवा की उपलब्धता बढ़ाने के लक्ष्य के साथ खरीद बढ़ाई जाएगी, ताकि जो दवाएं पहले अनुपलब्ध थीं, उन्हें भी उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए व्यापक प्रशासनिक बदलाव में सीपीडी का पुनर्गठन किया जाएगा। डीन को दवाओं की खरीद से संबंधित गैर-जरूरी नियमों से मुक्त कर दिया जाएगा।

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