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नूपुर शर्मा पर साधना था निशाना! … रूस में गिरफ्तार आतंकी ने उगले राज


• तुर्की में ली थी ३ महीने की ट्रेनिंग

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
आईएसआईएस आतंकी अजामोव माशाहोन्त को रूसी सुरक्षा एजेंसी ने गिरफ्तार किया। आतंकी के बयान और अलग-अलग रिपोर्ट्स के आधार पर पता चला कि उसने पैगंबर का अपमान करनेवाली भाजपा नेता पर हमले का प्लान किया था। रूसी सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस की रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आतंकी अजामोव उज्बेकिस्तान का नागरिक है। वो टेलीग्राम के जरिए आतंकी सगंठन के संपर्क में आया। इसी प्लेटफॉर्म पर उसकी आतंकियों से बात शुरू हुई। टेलीग्राम पर ही अजामोव माशाहोन्त को कट्टरता का पाठ पढ़ाया गया। आतंकियों ने चैट के जरिए शख्स को संगठन में शामिल होने के लिए तुर्की आने का बुलावा भेजा। अजामोव की अलकायदा के लोगों से पहली मुलाकात अप्रैल २०२२ में तुर्की के शहर इस्तांबुल में हुई।

पैगंबर के अपमान का बदला लेने की धमकी
जून २०२२ में नूपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद पर दिए बयान के बाद आईएसआईएस ने ५० पन्नों का एक धमकी भरा पत्र जारी किया था। दरअसल, भारतीय उप-महाद्वीप में सक्रिय अलकायदा के खुरसान प्रांत गुट ने ये पत्र जारी किया था। इस पत्र में अलकायदा ने अपने लड़ाकों से भारत में हमला करने का आह्वान भी किया था। भारत में आतंकी संगठन को गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम, १९६७ के तहत बैन किया गया है।

टेलीग्राम के जरिए संपर्क में आया
रूसी सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस की रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आतंकी अजामोव उज्बेकिस्तान का नागरिक है। वो टेलीग्राम के जरिए आतंकी सगंठन आईएसआईएस के संपर्क में आया। इसी प्लेटफॉर्म पर उसकी आतंकियों से बात शुरू हुई। टेलीग्राम पर ही अजामोव माशाहोन्त को कट्टरता का पाठ पढ़ाया गया। आतंकियों ने चैट के जरिए शख्स को संगठन में शामिल होने के लिए तुर्की आने का बुलावा भेजा। अजामोव की आईएसआईएस के लोगों से पहली मुलाकात अप्रैल २०२२ में तुर्की के शहर इस्तांबुल में हुई।

ट्रेनिंग के बाद बना आत्मघाती हमलावर
अजामोव माशाहोन्त ने सुरक्षा एजेंसी को बताया है कि वह अप्रैल २०२२ से लेकर जून २०२२ तक करीब तीन महीने तुर्की में रहा था। यहां आईएसआईएस सरगना यूसुफ ताजिके के सामने उसे संगठन में शामिल किया गया। अजामोव की भर्ती आईएसआईएस संगठन की सबसे खतरनाक टीम यानी आत्मघाती हमलावर के तौर पर की गई थी। इसके बाद सुसाइड अटैक करने की ३ महीने की कड़ी ट्रेनिंग उसे दी गई। इस दौरान वह आईएसआईएस के टॉप कमांडरों के संपर्क में रहा था।

 

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