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साई संत दयानंद की सीएम योगी से मार्मिक गुहार …श्रीराम के पुत्र कुश के किले को उबारो!

विक्रम सिंह, सुलतानपुर

एक तरफ श्रीराम जन्मभूमि का भव्य मंदिर सैकड़ों वर्षों के संघर्ष के बाद आखिरकार बन रहा है। दूसरी तरफ अयोध्या से महज ५० किलोमीटर के फासले पर स्थित महाराज कुश की नगरी सुलतानपुर सरकार की अनदेखी से त्रस्त है। इसे रामायण सर्किट से जोड़ने की बात चल रही है, लेकिन दारुण सत्य है! राम वनगमन मार्ग पर स्थित भगवान श्रीराम के पुत्र महाराज कुश के किले के खंडहरों को भी भूमाफिया कब्जाते चले जा रहे हैं। इसे बचाने और संरक्षित करने के लिए दशकों से संघर्षरत कुश किले पर आश्रम बनाकर आसीन साई साधु दयानंद ने मोदी-योगी से मार्मिक गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि हम लंगोटीधारी वैरागी भूमाफियाओं से उस पवित्र भूमि को बचाने की लड़ाई लड़ते-लड़ते थकते जा रहे हैं। अब जब राम जन्मभूमि का उद्धार हो रहा है तो शासन कुश महाराज के किले के खंडहरों को भी सहेजे और संवारे।
बता दें कि ऐतिहासिक ग्रंथों व सरकारी गजेटियर में अंकित तथ्यों व जनश्रुतियों के अनुसार, ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने जलसमाधि लेने के पूर्व अपने राज्य को भाइयों व पुत्रों में बांट दिया था। पुत्र कुश को उन्होंने दक्षिण कौशल का राज्य सौंपा था। कालांतर में कुश ने गोमती के किनारे कुशपुर (वर्तमान जनपद सुल्तानपुर) की थी, जो कि ग्यारहवीं शताब्दी तक विद्यमान रही और शैव मतानुयायी भर राजा नंदकुंवर कुशनगरी के अंतिम हिंदू शासक हुए, जिन्हें मुस्लिम आक्रांता खिलजी की सेना ने धोखे से परास्त कर नेस्तनाबूद कर डाला था। कुशपुर का बचा-खुचा अवशेष सन १८५७ की पहली क्रांति में ब्रिटिश हुकूमत ने खत्म कर दिया और इस नगरी को पूर्णतया नष्ट कर ‘बिना चिरागी’ घोषित कर दिया। अब इस खंडहर में महज किले के भग्नावशेष हैं और यहां सत्य साई मत का आश्रम अलख जगा रहा है। इस आश्रम के प्रमुख संत-महंत दयानंद मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब डेढ़ सौ बीघे में पैâला कुशभवनपुर का किला भूमाफियाओं के कारण अब सिर्फ सात-आठ बीघे में सिमट चुका है। इसे भी ये भूमाफिया हड़पने की फिराक में हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार करते हुए कहा कि पुराने राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करते हुए साक्ष्य को प्रभावित किया गया है, जिसके आधार पर तमाम भूमाफिया इस प्राचीन किले को कब्जा करने को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। बहुत से माफिया आए दिन मुझे धमकाते हैं और किले के खंडहरों यहां तक कि आश्रम की जमीन को भी कब्जाने की धमकी दे रहे हैं।

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