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भाजपा ने यूपी चुनाव पर पीएम को भेजी रिपोर्ट….. कहा, बीएसपी के वोट शिफ्ट होने से मिली जीत!

मित्र दलों का नहीं मिला सहयोग
सामना संवाददाता / लखनऊ । हाल ही में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को भाजपा ने बहुत कूटनीतिक चाल से जीता है। राजनीति के जानकारों के अनुसार एक तरफ ओवैसी को मैदान में उतारा गया था तो दूसरी तरफ मायावती की पार्टी बसपा की मदद ली गई थी। अब इस बात का जिक्र भाजपा की आंतरिक रिपोर्ट में भी सामने आया है। यूपी चुनाव जीतने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी में समीक्षा का दौर जारी है। खबर है कि भाजपा की प्रदेश इकाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। कहा जा रहा है कि इस रिपोर्ट में भाजपा के सीटों के गणित से लेकर समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन की जानकारी शामिल है। १० मार्च को घोषित हुए चुनाव परिणाम में भाजपा ने २७३ सीटें जीतने में सफलता हासिल की थी। पार्टी ने योगी आदित्यनाथ को दोबारा मुख्यमंत्री बनाया है।
एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, ८० पन्नों की रिपोर्ट में `बहुजन समाज पार्टी के वोट शिफ्ट होना’ और `फ्लोटिंग वोट’ को पार्टी की जीत का बड़ा कारण माना गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि ओबीसी वोट का कटना और सहयोगियों के वोट भाजपा को नहीं मिलने के चलते राज्य में भाजपा की सीटों का आंकड़ा कम हुआ। साल २०१७ के मुकाबले २०२२ में यूपी में भाजपा की सीटों में बड़ी गिरावट हुई है। अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से उठे सवाल के बाद यह रिपोर्ट सौंपी गई है। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट के अनुसार, सहयोगी दलों निषाद और अपना दल के जाति आधार यानी कुर्मियों और निषाद ने भाजपा का समर्थन नहीं किया। जबकि भाजपा का वोट बैंक इन पार्टियों को पहुंचा। सूत्रों ने बताया कि इन जातियों से कम समर्थन मिलना ही उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की हार का बड़ा कारण माना गया है। अखबार के मुताबिक, कुशवाह, मौर्य, सैनी, कुर्मी, निषाद, पाल, शाक्य, राजभर ने बड़े स्तर पर भाजपा को वोट नहीं किया और सपा का समर्थन किया। जबकि साल २०१७ में इन जातियों ने भाजपा की मदद की थी। इसके अलावा सपा में मुस्लिम समुदाय के `ध्रुवीकरण’ को भी कुछ सीटों पर हार का कारण माना जा रहा है।

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